पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार (30 मई 2026) को उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के दौरे के दौरान सोनारपुर में विरोध प्रदर्शन हुआ. इस दौरान उनके ऊपर अंडे, जूते, पत्थर और कीचड़ फेंके जाने के आरोप लगे. अभिषेक ने दावा किया कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की गई. घटना के बाद ममता बनर्जी देर रात कोलकाता के बेले व्यू क्लीनिक पहुंचीं और आरोप लगाया कि पुलिस तथा सत्ताधारी भाजपा के दबाव के कारण डॉक्टर अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती करने से बच रहे हैं.
अभिषेक बनर्जी शनिवार को TMC कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलने निकले थे जिनकी कथित तौर पर चुनाव के बाद हुई हिंसा में मौत हुई थी. सबसे पहले वे कोलकाता के बेलेघाटा इलाके में पहुंचे, जहां उन्होंने एक मृत कार्यकर्ता के परिवार से मुलाकात की. इसी दौरान सीआईडी की एक टीम उनके आवास पर पहुंची. यह टीम कथित विधायक हस्ताक्षर घोटाले की जांच के सिलसिले में नोटिस देने आई थी. अभिषेक घर पर मौजूद नहीं थे. बाद में सीआईडी ने उन्हें नोटिस जारी कर सोमवार को जांच एजेंसी के मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा
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सोनारपुर में हुआ अभिषेक बनर्जी का विरोध
अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर पहुंचे. वहां पहले से ही विरोध प्रदर्शन की तैयारी दिखाई दे रही थी. कई जगहों पर लोगों ने काले झंडे दिखाए और वापस जाओ के नारे लगाए. कुछ महिलाओं के समूह भी विरोध में शामिल हुए और उनके हाथों में अंडे थे. अभिषेक का काफिला जब इलाके से गुजरा तो प्रदर्शनकारियों ने अंडे फेंके. जिस कार्यकर्ता के घर अभिषेक जा रहे थे, वहां तक जाने वाली सड़क संकरी थी. इसलिए उन्होंने अपनी गाड़ी मुख्य सड़क पर छोड़ दी और मोटरसाइकिल से आगे बढ़े. बाद में वे पैदल चलने लगे.
अभिषेक ने क्रिकेट हेलमेट का लिया सहारा
अभिषेक का आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट की. उन्होंने कहा कि उन पर अंडे, पत्थर और ईंट के टुकड़े फेंके गए. खुद को बचाने के लिए उन्होंने एक क्रिकेट हेलमेट पहन लिया, लेकिन विरोध जारी रहा. उनके अनुसार उन्हें थप्पड़ और घूंसे भी मारे गए. दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिस TMC कार्यकर्ता की मौत का दावा किया जा रहा है, वह चुनावी हिंसा का शिकार नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी झूठे दावे कर रही है.
अभिषेक बनर्जी कार्यकर्ता के घर पहुंचे
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी संबंधित कार्यकर्ता के घर पहुंचे. वहां उन्होंने कहा कि उन्हें मारने की साजिश रची गई थी. उन्होंने कहा कि यदि उन पर दोबारा हमला भी होता है, तब भी वह मृत कार्यकर्ता के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना वहां से नहीं जाएंगे. अभिषेक ने भाजपा नेताओं और प्रशासन पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि उन्होंने अपने दौरे की जानकारी पहले ही पुलिस को दे दी थी, लेकिन मौके पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को फोन करने और संदेश भेजने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला.
हमला करने वाले बाहर से आए थे- अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि उनके ऊपर हमला करने वाले स्थानीय लोग नहीं थे, बल्कि बाहर से बुलाए गए लोग थे. उनके अनुसार कुछ लोगों को पहले से एक जगह ठहराया गया था और उन्हें हमले के लिए तैयार किया गया था. अभिषेक ने बताया कि उनकी आंखों की सात सर्जरी हो चुकी हैं और पहले भी उनका एक गंभीर सड़क हादसा हो चुका है. उन्होंने मीडिया को अपना टूटा हुआ चश्मा दिखाते हुए कहा कि उन पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं.
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर साधा निशाना
घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए पहले अपोलो अस्पताल और फिर बेले व्यू क्लीनिक ले जाया गया. दोनों अस्पतालों की ओर से बताया गया कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं है और भर्ती करने की जरूरत नहीं है. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अस्पताल पहुंचकर भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है. ममता ने कहा कि अगर किसी मरीज को भर्ती करने के लिए राजनीतिक अनुमति लेनी पड़े तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है.
पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है. हाल के दिनों में कई TMC नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक विरोध की घटनाएं सामने आई हैं. पिछले सप्ताह सांसद सौगत रॉय के ऊपर भी उनके क्षेत्र में अंडे फेंके गए थे. कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के खिलाफ चोर-चोर के नारे लगाए हैं. अब इस मामले को लेकर TMC और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जबकि अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि वह इस घटना को लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों का दरवाजा खटखटाएंगे.
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