तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर बंगाल के सोनारपुर में हमला हुआ. इसके बाद बंगाल की सियासत गरम है. एक ओर विपक्ष की सभी पार्टियां ममता बनर्जी के साथ आ गई हैं और इस आरोप के पीछे बीजेपी का हाथ बताया है. वहीं बीजेपी ने इसे 15 साल की सत्ता के दौरान टीएमसी के किए कामों का नतीजा बताया है. इस बीच सवाल ये है कि अब आगे अभिषेक बनर्जी और टीएमसी क्या करेंगे. 

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ANI ने एआईटीसी सूत्रों के हवाले से बताया कि अभिषेक बनर्जी खुद पर हुए हमले की शिकायत लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से करेंगे. इसके अलावा वह इस मामले में अदालत का रुख भी करेंगे, जहां वो औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराएंगे. उन्होंने अपने ऊपर हुए हमले को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

सोनारपुर में पीड़ित टीएमस कार्यकर्ताओं से मिलने गए अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि वो राजनीतिक हिंसा का शिकार हुए हैं और उन्होंने इस घटना के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहाया है. बता दें कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और अन्य ने बनर्जी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी प्रतिशोध की राजनीति कर रही है.

दिलीप घोष ने साधा निशाना

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर मीडिया से बात करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने हाल ही में कहा कि अब जनता का रोष सामने आ रहा है. इन लोगों से जनता कितनी नाराज थी, फाल्टा चुनाव में साफ देखा जा सकता है. टीएमसी चुनाव में चौथे नंबर पर रही. इस परिणाम को ही देखकर समझ जाना चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हीरो बनने क्यों चले गए. 

'15 साल तक आप खुद को भगवान समझते रहे'

बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि आज जनता का यही गुस्सा है क्योंकि 15 साल तक आप खुद को भगवान समझते रहे. उन्होंने आगे कहा कि आज आप पर अंडे फेंके जा रहे हैं, जूते फेंके जा रहे हैं. लोग आपके घर के सामने थूक रहे हैं और गालियां दे रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम ऐसी राजनीति नहीं करेंगे जहां लोग हमें जूतों की माला पहनाएं, गालियां दें. 

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