देश के कई राज्यों में नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर हो रहे छात्र विरोध प्रदर्शन अब खत्म हो चुके हैं, लेकिन इस मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने रविवार (26 जुलाई, 2026) को विरोध प्रदर्शनों में बड़ी भूमिका निभाने वाले जेन-जी और मिलेनियल्स से बड़ी अपील की है. उन्होंने मिलेनियल्स और जेन-जी से उन सेलिब्रिटीज, इंफ्लूएंशर्स और खेल जगत को सितारों को लेकर उनके सपोर्ट पर फिर से सोचने की बात कही है, जिन्होंने छात्र प्रदर्शन के दौरान इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की और चुप रहना का विकल्प चुना.
अभिषेक बनर्जी ने X पर जेन-जी और मिलेनियल्स के नाम शेयर किया पोस्ट
टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार (26 जुलाई, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखा. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ‘मिलेनियल्स और जेन-जी से मेरी विनम्र अपील है. हमने देखा है कि कैसे दृढ़निश्चय वाली एक युवा पीढ़ी सबसे ताकतवर सरकारों को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर सकती है. यह इस बात का सबूत है कि किसी भी लोकतंत्र की असली ताकत उनके लोगों में होती है.’
उन्होंने कहा, ‘इसके साथ ही, हमने यह भी देखा कि कई सेलिब्रिटी, इंफ्लूएंशर्स, खेल जगत की हस्तियों और फिल्मी सितारों ने देश के युवाओं और छात्रों के साथ खड़े होने के बजाए चुप रहना पसंद किया. यह चाहें उनका डर हो, सावधानी हो या फिर स्वार्थ, लेकिन उनकी खामोशी ने बहुत कुछ कह दिया.’
दोबारा सोचने का समय है कि हमारी सराहना का हकदार कौन- अभिषेक
अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘अगली बार जब हम किसी भी फिल्म का टिकट खरीदने, किसी मैच का टिकट लेने के लिए लाइन में खड़े हों या किसी कंटेंट क्रिएटर को सब्सक्राइब करने वाले हों, तब एक पल ठहरकर खुद से ये सवाल जरूर पूछें- क्या यह शख्स सच में उन वैल्यूज का प्रतिनिधित्व करता है, जिन पर मैं विश्वास करता हूं? क्या इसने उन लोगों का साथ दिया, जिनकी बदौलत इस शख्स को सफलता मिली?’
उन्होंने कहा, ‘अगर हमारी तालियां और समर्थन से लोकप्रिय बने लोग सबसे ज्यादा जरूरी समय पर लोगों के साथ खड़े होने की हिम्मत नहीं जुटा सकते, तो शायद अब समय आ गया है कि हम दोबारा ये सोचें कि हमारी सराहना का असली हकदार कौन है.’
टीएमसी नेता ऑडिएंश की ताकत पर दिया जोर
अभिषेक बनर्जी ने ऑडिएंश की ताकत पर जोर देते हुए कहा, ‘हम किसे फॉलो करते हैं, ये हमारा फैसला है. हम किसका सम्मान करते हैं, ये हमारा फैसला है और हम किसे फेमस बनाते हैं, ये भी हमारा फैसला है. इसलिए याद रखिए कि दर्शकों ने हीं उन्हें फेम दिलाया, लोगों ने हीं उन्हें इंफ्लूएंश दिया और युवाओं ने हीं उन्हें रेलिवेंस दी. जब इतिहास साहस की मांग करता है, तब खामोशी कभी न्यूट्रल नहीं होती, बल्कि वह भी एक चॉइस होती है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘आप जो टिकट खरीदते हैं, हर बार जो किसी का कंटेट देखते हैं और हर लाइक, शेयर, फॉलो और चीयर करते हैं, ये सिर्फ क्लिक या पर्जेस नहीं है, बल्कि ये एंडोर्समेंट है. इसलिए अपना अंटेनशन उतनी ही सावधानी से दें, जितनी सावधानी से आप अपना पैसा खर्च करते हैं. क्योंकि अगर वे सबसे जरूरी समय पर हमारे साथ खड़े नहीं हो सकते हैं, तो फिर हमें भी यह सोचना चाहिए कि क्या हमें उनके पीछे खड़े रहना चाहिए.’
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