पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद अब TMC विधायकों में खींचतान जारी है. लुबेरिया पूर्व से विधायक रिताब्रता बंदो ने कहा है कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें भ्रष्टाचार पर बात करने से रोक दिया था. इसके अलावा उन्होंने चुनावी रणनीति बनाने वाली एजेंसी I-Pac के तौर-तरीकों पर भी सवाल उठाए हैं.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधायक ने कहा कि मैं 15 दिन का समय लूंगा, लेकिन इस भ्रष्टाचार का बोझ मैं ढोकर नहीं फिरूंगा. उन्होंने कहा कि उलूबेरिया में आवास में भ्रष्टाचार हुआ है और कई फर्जी घर हैं. जब पार्टी को ये सब बताया तो पार्टी ने चुप रहने के लिए कहा था. उन्होंने बेईमान लोगों संग रहने से इनकार कर दिया है.

TMC विधायक के गंभीर आरोपटीएमसी विधायक ने कहा कि मैं बेईमान लोगों को साथ नहीं रहूंगा और मैं उलूबेरिया नगरपालिका में नहीं बैठूंगा. ईमानदार पार्षदों के टूटे हुए दफ्तर में ही बैठूंगा. उन्होंने कहा है कि आईपैक की तरफ से भी भ्रष्टाचार को दबाने के लिए कहा गया था. उनका आरोप है कि आईपैक के बड़े-बड़े बाबुओं से बात करने के लिए लगातार इंतजार करना पड़ता था. उन्होंने आरोप लगाए कि आईपैक के बाबुओं ने ही चुनाव के समय भ्रष्टाचार को लेकर बात न करने के लिए बोला था.

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पहले प्रदर्शन में ही गायब रहे टीएमसी विधायकबंगाल चुनाव 2026 में शिकस्त खाने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को अपना पहला बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधानसभा परिसर में बीआर अंबेडकर की मूर्ति के पास आयोजित इस धरने में पार्टी के 80 विधायकों में से करीब 35 विधायक शामिल हुए. पार्टी का यह प्रदर्शन चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा, लोगों को हटाए जाने के अभियान और बुलडोज़र की कार्रवाई के खिलाफ था.

प्रदर्शन के दौरान 40 से अधिक विधायकों के गायब रहने के कारण टीएमसी को फजीहत झेलनी पड़ रही है. 15 साल बाद सत्ता से बाहर होकर विपक्ष में बैठी तृणमूल कांग्रेस के अंदर की गुटबाजी और बेचैनी इस धरने में साफ देखने को मिली. 

क्या बोले शोभनदेव चट्टोपाध्यायविपक्ष के नेता पद के लिए पार्टी के उम्मीदवार और वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने किसी भी मतभेद से इनकार किया है. उन्होंने विधायकों की कम संख्या पर सफाई देते हुए कहा कि आज के कार्यक्रम में करीब 35 विधायक मौजूद थे. चूंकि कई विधायक चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित इलाकों में कार्यकर्ताओं के साथ व्यस्त हैं इसलिए वे नहीं आ सके. 

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