TMC Crisis: करीब तीन दशक पुराने इतिहास में पहली बार तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सबसे बड़े आंतरिक संकट का सामना कर रही है. पार्टी के भीतर हुई बड़ी बगावत के बाद टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने विद्रोही विधायकों पर तीखा हमला बोला है. 

Continues below advertisement

उन्होंने बागी नेताओं को पूरी तरह बेकार बताते हुए कहा कि ये नेता केवल ममता बनर्जी के करिश्मे के सहारे राजनीति करते रहे और अब उनमें विपक्ष में बैठकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से लड़ने का साहस नहीं बचा है.

महुआ मोइत्रा ने बागी विधायकों को बताया  बेकार नेता 

Continues below advertisement

इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू  में महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने दबाव और डर का माहौल बनाकर टीएमसी में टूट कराई है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई और गिरफ्तारी के डर से कई विधायक पार्टी छोड़कर दूसरे खेमे में चले गए. महुआ मोइत्रा ने कहा,  'हमारे बीच कुछ ऐसे लोग थे जो पूरी तरह बेकार थे. वे ममता दीदी के करिश्मे का फायदा उठाकर पार्टी में बने हुए थे. आज अगर उन्हें जाना है तो जाएं, अपने रितब्रत कांग्रेस का हिस्सा बनें, जो करना है करें, लेकिन खुद को तृणमूल कांग्रेस न कहें. '

58 बागी विधायकों ने बदला सियासी समीकरण

बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के इतिहास में पहली बार बड़ा विभाजन सामने आया. 58 बागी विधायकों ने पार्टी के विधानसभा दल पर कब्जा कर लिया और निष्कासित विधायक रितब्रत बनर्जी को अपना नेता चुन लिया. इसके बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष ने भी नए विधानसभा दल को मान्यता दे दी. हालांकि रितब्रत बनर्जी ने बगावत को नरम करने की कोशिश करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से नए विधानसभा दल की मुख्य सलाहकार बनने का आग्रह किया. इसके बावजूद बागी विधायक खुद को विधानसभा में  'असली तृणमूल कांग्रेस ' बता रहे हैं.

 'भाजपा अब विपक्ष के नेता भी तय करना चाहती है'

महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा अब केवल पार्टियां तोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि विपक्ष के नेताओं को भी अपने हिसाब से तय करना चाहती है. उन्होंने कहा,  'आज पूरा देश देख रहा है कि भाजपा अब विपक्ष के नेताओं को भी चुनना चाहती है. वह सिर्फ पार्टियां तोड़ना नहीं चाहती, बल्कि यह भी तय करना चाहती है कि जिन राज्यों में वह जीती है वहां विपक्ष का नेता कौन होगा. '

सुवेंदु अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप

महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि इस पूरी राजनीतिक कार्रवाई के पीछे वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की भूमिका है. उन्होंने कहा कि सुवेंदु अधिकारी कभी तृणमूल कांग्रेस के सक्रिय नेता रहे हैं और उन्हें हर विधायक की कमजोरियों की जानकारी है. महुआ ने आरोप लगाया कि सुवेंदु अधिकारी ने एक-एक विधायक को निशाना बनाकर दबाव बनाया.

कई विधायकों को धमकाने का आरोप

महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि अलग-अलग विधायकों को अलग-अलग मामलों में कार्रवाई का डर दिखाया गया. उन्होंने कहा कि सबीना यासमीन को कथित रूप से यह कहा गया कि मोथाबाड़ी हिंसा मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. इसी तरह जावेद खान को कथित रूप से गिरफ्तारी की चेतावनी दी गई. महुआ के अनुसार उन्हें यह भी कहा गया कि उनके बेटे को इलाके में कथित अवैध निर्माण के मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है. महुआ ने कहा कि हर विधायक पर अलग-अलग तरीके से दबाव बनाया गया.

 '15 साल सत्ता में रहने के बाद विपक्ष में बैठना नहीं चाहते'

बागी विधायकों पर हमला जारी रखते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण वे विपक्ष की राजनीति करना भूल गए हैं. उन्होंने कहा,  '15 साल सत्ता में रहने के बाद वे अब विपक्ष में नहीं रह सकते. वे भूल चुके हैं कि विपक्ष में कैसे लड़ाई लड़ी जाती है. उनमें संघर्ष का जज्बा नहीं बचा है. वे भाजपा, पुलिस, ईडी और सीबीआई से लड़ना नहीं चाहते. वे सिर्फ सुरक्षित रहना चाहते हैं. '

 'टीएमसी खत्म नहीं हो रही, ममता बनर्जी ही पार्टी हैं'

महुआ मोइत्रा ने साफ कहा कि तृणमूल कांग्रेस टूट नहीं रही है और पार्टी की असली पहचान अब भी ममता बनर्जी और कोर नेतृत्व ही है. उन्होंने कहा,  'ममता बनर्जी और पार्टी का मुख्य नेतृत्व ही तृणमूल कांग्रेस है. हम फिर से शुरुआत करेंगे. '

चुनाव चिन्ह छिनने के दावों को भी किया खारिज

बागी गुट को भविष्य में भारत निर्वाचन आयोग से मान्यता मिलने की अटकलों पर भी महुआ मोइत्रा ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा,  'जब ममता बनर्जी कांग्रेस छोड़कर निकली थीं, तब उन्होंने खुद कागज पर पार्टी का चुनाव चिन्ह बनाया था. जो नेता अपना चुनाव चिन्ह बनाकर तीन बार मुख्यमंत्री बन सकती हैं, वह जरूरत पड़ने पर नया चिन्ह बनाकर भी लड़ सकती हैं. ' उन्होंने कहा कि चाहे कोई तस्वीर ले जाए या चुनाव चिन्ह, वे कभी असली तृणमूल कांग्रेस नहीं बन सकते.

अभिषेक बनर्जी का भी किया बचाव

बागी गुट की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ मोइत्रा ने अभिषेक बनर्जी का बचाव किया. उन्होंने कहा कि अगर केंद्रीय एजेंसियां उनके खिलाफ कार्रवाई भी करती हैं तो वे दबाव में आने वाले नहीं हैं. महुआ ने कहा,  'अभिषेक बनर्जी मजबूत व्यक्ति हैं. उनके स्वभाव में समझौता करना नहीं है. चाहे उन्हें जेल जाना पड़े या कोई और कठिनाई झेलनी पड़े, लोग देखेंगे कि भाजपा क्या कर रही है. '

बागी खेमे में भी ममता बनर्जी को लेकर मतभेद

इस बीच बागी खेमे में भी मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं. जानकारी के अनुसार कई विधायक चाहते हैं कि ममता बनर्जी ही पार्टी की सर्वोच्च नेता बनी रहें. कुछ विधायकों ने संकेत दिया है कि यदि ममता बनर्जी की भूमिका केवल सलाहकार तक सीमित की गई तो वे अपने भविष्य को लेकर दोबारा विचार कर सकते हैं.