पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) इन दिनों अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना करती दिखाई दे रही है. बागी खेमे की अगुवाई कर रहीं सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने दावा किया है कि टीएमसी के 20 लोकसभा सांसदों ने अलग संसदीय समूह बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपा है और वे केंद्र में एनडीए का समर्थन करेंगे.  टीएमसी नेतृत्व ने इन दावों को खारिज किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, बागी खेमे में यूसुफ पठान, सायोनी घोष और शत्रुघ्न सिन्हा समेत कई सांसदों के नाम सामने आए हैं.  विवाद के बीच टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने बीजेपी पर "ऑपरेशन लोटस" चलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, लेकिन राजनीतिक मतभेदों को मनभेद में नहीं बदलना चाहिए. इसी दौरान उन्होंने भूपेंद्र, सुवेंदु और निशिकांत का जिक्र करते हुए दावा किया कि जो कुछ हो रहा है, वह सबके सामने है और इसके लिए अलग से प्रमाण की जरूरत नहीं है.

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ऑपरेशन लोटस पर बवालबागी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की थी, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी पहुंचे थे. इसके बाद विपक्षी दलों ने एक बार फिर 'ऑपरेशन लोटस' का मुद्दा उठाया. कीर्ति आज़ाद ने अपने बयान में कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन रिश्तों में कड़वाहट नहीं आनी चाहिए. टीएमसी सांसद ने निशिकांत दुबे को 'छोटा भाई' बताते हुए कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं बल्कि राजनीतिक विचारधारा से है.

टीएमसी का आरोपटीएमसी लगातार आरोप लगाती रही है कि बीजेपी विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है. बीजेपी इन आरोपों को खारिज करती रही है. ऐसे में कीर्ति आज़ाद का यह बयान पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच काफी चर्चा में है.

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