पश्चिम बंगाल विधानसभा के नतीजे आने के बाद राज्य के कई हिस्सों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं. मंगलवार (5 मई) को कोलकाता की प्रसिद्ध हॉग मार्केट में बवाल देखने को मिला. रात तकरीबन 9 बजे कुछ लोग बुलडोजर लेकर इमारत को गिराने पहुंच गए. TMC के यूनियन पार्टी के ऑफिस को बुलडोजर से तहस नहस कर दिया गया. TMC का आरोप है कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने कोलकाता की हॉग मार्केट में कई दुकानों को बुलडोजर से गिरा दिया है.

Continues below advertisement

हिंसा पर चुनाव आयोग सख्त

इससे पहले चुनाव आयोग ने मंगलवार (5 मई) को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और राज्य में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को पोस्ट-पोल हिंसा के को लेकर जीरो टॉलरेंस अपनाने के निर्देश दिए हैं. चुनाव आयोग का यह निर्देश तब आया जब सोमवार की शाम से राज्य के कई हिस्सों में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हिंसा की घटनाओं की रिपोर्ट सामने आईं.

Continues below advertisement

टीएमसी ने लगाया तोड़फोड़ का आरोप

टीएमसी ने आरोप लगाया कि उसके कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई और उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई. दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज इलाके में पूर्व टीएमसी विधायक अरूप बिस्वास का पार्टी कार्यालय भी तोड़ दिया गया. बेलियाघाटा क्षेत्र में एक टीएमसी कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई और एक कार्यकर्ता की पिटाई की गई. टीएमसी ने यह भी दावा किया कि अभिषेक बनर्जी का आम्तला स्थित कार्यालय भी भीड़ के हमले का शिकार हुआ. इन घटनाओं के बाद चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और सीएपीएफ कर्मियों को सख्त कार्रवाई करने और ऐसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया.

बंगाल में कैसे ढह गया ममता बनर्जी का किला, महिला वोट बैंक में सेंध से हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण तक सत्ता गंवाने के 5 बड़े फैक्टर

इससे पहले दिन में, कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जिससे शहर में अशांति फैल सकती है. पुलिस ने कहा कि शहर की स्थिति नियंत्रण में है और लोगों से ऐसी पोस्ट साझा न करने की अपील की गई है. यह चेतावनी तब जारी की गई जब सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे थे, जिनमें चुनाव परिणामों के बाद हिंसा के दावे किए जा रहे थे.

ममता के साथ विपक्ष ने भी पकड़ा माथा, बंगाल में कैसे ढह गया TMC का किला? जानें अपने ही घर से कैसे बेगानी हो गईं दीदी