दिल्ली की ये खतरनाक हवा आपको बहुत बीमार बनाने के लिए काफी है
ABP News Bureau | 11 Nov 2017 08:48 AM (IST)
अगर दिल्ली की एयर क्वालिटी इंडेक्स देखें तो पता चलता है कि दिल्ली की हवा सामान्य से कई गुना ज्यादा दूषित है. आज सुबह सात बजे दिल्ली एनसीआर का एयर क्वालिटी इंडैक्स 422 था.
दिल्ली: दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. आलम ये है कि दिल्ली की आबो-हवा में सांस लेने वाले लोग बिना सिगरेट पिये ही कई सिगरेट के बराबर धुआं अपने फेफड़ों के अंदर ले रहे हैं. जाहिर इतना खतरनाक प्रदूषण कई प्रकार की बीमारियों को भी जन्म दे रहा है. अगर दिल्ली की एयर क्वालिटी इंडैक्स देखें तो पता चलता है कि दिल्ली की हवा सामान्य से कई गुना ज्यादा दूषित है. आज सुबह सात बजे दिल्ली एनसीआर का एयर क्वालिटी इंडैक्स 422 था. साफ हवा का एयर क्वालिटी इंडैक्स शून्य से 50 के बीच होता है. इस तरह आकलन करे तो पता चलता है कि दिल्ली की हवा सामान्य से आठ गुना से भी ज्यादा दूषित है. इस स्तर तक की दूषित हवा कई प्रकार की बीमारियों को जन्म देती है. दिल्ली के मंदिर मार्ग इलाके में एयर क्वीलिटी इंडैक्स 463 था, जो कि दिल्ली में अधिकतम है. इसी तरह दिल्ली के अन्य इलाके जैसे कि दिल्ली एयरपोर्ट पर 424, आइटीओ पर 408, आरकेपुरम में 438, आनंद विहार में 450, मथुरा रोड पर 417 तक एयर क्वालिटी इंडैक्स था. बता दें कि एयर क्वालिटी इंडैक्स एक पैमाना है जिसके आधार पर प्रदूषण का स्तर बताया जाता है. एयर क्वालिटी इंडैक्स अगर 400 का आंकड़ा पार करता है तो सांस और फेफड़े से संबंधित गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. ऐसी स्थिती में स्वस्थ व्यक्ति भी आसानी से इन बीमारियों के चपेट में आ सकता है. दिल्ली के लगभग सभी इलाकों का एयर क्वालिटी इंडैक्स या तो 400 के पार है या फिर 400 के बेहद करीब है. यहां की हवा में सांस लेने वाला शख्स बेहद दूषित गैस चेंबर में है जो कि किसी भी वक्त गंभीर बीमारी का शिकार बन सकता है. मालूम हो कि दिल्ली में प्रदूषण की मुख्य वजह यहां की सड़कों और आसपास इलाकों में जारी निर्माण कार्य से निकलने वाली धूल है. दिल्ली में 38 प्रतिशत प्रदषण इस धूल की वजह से है. हाल ही में दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्य पर रोक लगाई है. इसी तरह गाड़ियों से निकलने वाला धुआं दिल्ली में 20 प्रतिशत प्रदूषण में इजाफा करता है. घरों से निकलने वाला कू़ड़ा और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषण भी दिल्ली में प्रदूषण की मुख्य वजहों में से एक है. हालांकि अक्टूबर-नवंबर महीनों में हरियाणा और पश्चिमी यूपी के इलाकों में पराली के धुएं की वजह से भी दिल्ली में प्रदूषण बढ़ता है. ऐसा नही है कि दिल्ली में पहली बार इस स्तर पर प्रदूषण पहुंचा है. इन महीनों में हर साल दिल्ली की यही हालत होती है. बावजूद इसके ऐसा लगता नही है कि राज्य और केन्द्र की सरकार ने इन सब से कोई सबक लिया हो. हर साल दिल्ली वासियों को इस जहरीली हवा में सांस लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है.