तेलंगाना में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद वोटरों की संख्या में करीब 60 लाख की कमी आने का अनुमान लगाया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान करीब 40 लाख ऐसे वोटर मिले, जो वोटर लिस्ट में दर्ज पते पर नहीं रह रहे हैं. इसके अलावा करीब 20 लाख और नाम ऐसे हो सकते हैं, जिनमें मृत लोगों के नाम, पड़ोसी राज्यों के ऐसे वोटर जिनके नाम अब भी तेलंगाना की वोटर लिस्ट में दर्ज हैं और ऐसे लोग शामिल हैं, जिनके नाम दो या तीन जगह दर्ज हैं.
इस पूरी प्रक्रिया का मकसद वोटर लिस्ट को सही और अपडेट करना है. इसके तहत अयोग्य और डुप्लीकेट नामों की पहचान की जा रही है. अधिकारियों ने वोटरों के पते और उनकी पात्रता का सत्यापन किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वोटर लिस्ट में केवल योग्य लोगों के नाम ही बने रहें.
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घर-घर जाकर की गई जांच और रिकॉर्ड की पड़ताल
अधिकारियों का कहना है कि घर-घर जाकर की गई जांच और रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान कई ऐसी कमियां सामने आई हैं, जिनमें ऐसे लोग शामिल हैं, जो दूसरे स्थान पर जा चुके हैं, जिनकी मौत हो चुकी है या जिनके नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज हैं. इन्हीं जानकारियों के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 60 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं.
हालांकि अभी यह सिर्फ शुरुआती अनुमान है. इस संबंध में अंतिम आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं और न ही कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है. अधिकारियों ने कहा है कि पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम संख्या सामने आएगी. फिलहाल जांच और सत्यापन का काम जारी है और अंतिम फैसला आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही होगा.
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