Telangana MLC Election: तेलंगाना विधान परिषद (एमएलसी) के मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करिमनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में आगामी चुनाव गुरुवार (27 फरवरी, 2025) को होने है, जहां मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने चुनावों में भाग न लेने का फैसला किया है. ऐसे में इस महत्वपूर्ण चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूरे दमखम के साथ ने मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए प्रयासरत है.

कांग्रेस की रणनीति

  • मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निम्नलिखित निर्देश दिए:
  • प्रत्येक 50 मतदाताओं के लिए एक प्रभारी: इससे मतदाताओं के साथ व्यक्तिगत संपर्क स्थापित होगा और उनकी समस्याओं को समझकर समाधान प्रदान किया जा सकेगा.
  • युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के नेता को गांव की जिम्मेदारी: ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करें.
  • राज्य सरकार की विकास और कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार: सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं ताकि वे पार्टी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करें.
  • प्राथमिकता वोटों पर विशेष ध्यान दें: चुनाव प्रणाली में प्रत्येक वोट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए सभी वोटों को गंभीरता से लें.
  • नव नियुक्त AICC प्रभारी मीनाक्षी नटराजन ने इस चुनाव को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि चूंकि यह सीट कांग्रेस के पास है और राज्य में पार्टी सत्ता में है, इसलिए युवाओं के बीच पार्टी की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार किया जाना चाहिए ताकि विजय सुनिश्चित हो सके.

भाजपा की रणनीति

  • दूसरी ओर, भाजपा ने भी अपने प्रचार अभियान को तेज कर दिया है. केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार, पार्टी की रणनीति की निगरानी कर रहे हैं और लगातार सभाएं कर रहे है . पार्टी कार्यकर्ताओं को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
  • डोर-टू-डोर कैंपेन: मतदाताओं के घर-घर जाकर केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी दें.
  • सोशल मीडिया का उपयोग: डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवा और शहरी मतदाताओं तक पहुंच बनाएं.
  • स्थानीय नेताओं की बैठकों का आयोजन: स्थानीय मुद्दों को समझ कर उनके समाधान के लिए रणनीति बनाएं और मतदाताओं का विश्वास जीतें.

कितने पुरुष और महिला वोटर करेंगे मत का प्रयोग

तेलंगाना विधान परिषद (एमएलसी) के मेडक-निजामाबाद-आदिलाबाद-करिमनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 3,55,159 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 2,26,765 पुरुष, 1,28,392 महिलाएं और 2 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं. यह निर्वाचन क्षेत्र 15 जिलों और लगभग 42 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करता है, जो इसे राज्य का सबसे बड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र बनाता है और इसे राज्य की कांग्रेस सरकार के पक्ष या विपक्ष में माहौल जांचने का माध्यम माना जा रहा है. वर्तमान में एमएलसी सीट पर कांग्रेस पार्टी के टी जीवन रेड्डी काबिज हैं, और उनका कार्यकाल 29 मार्च, 2025 को समाप्त हो रहा है.

नर्दलीय लड़ने टीआरएस के नेता

इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार वी. नरेंद्र रेड्डी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार चेनूरी अंजीरेड्डी के बीच है. दोनों ही उम्मीदवार इस क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों का संचालन करते हैं, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर अच्छी पहचान मिली है. तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने इस चुनाव में हिस्सा न लेने का निर्णय लिया है. हालांकि, टीआरएस के दो नेता, जो टिकट की उम्मीद कर रहे थे, अब स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे वोटों का विभाजन हो सकता है और यह कांग्रेस या भाजपा के उम्मीदवारों के पक्ष में जा सकता है.

27 फरवरी को होंगे मतदान

इस चुनाव में कुल 90 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 100 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से और 17 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन दाखिल किए गए हैं. नामांकन की जांच 11 फरवरी को हुई, जबकि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 13 फरवरी थी. मतदान 27 फरवरी को सुबह 8 बजे से दोपहर 4 बजे तक होगा, और मतगणना 3 मार्च को की जाएगी. यह चुनाव राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है, विशेषकर कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला होने के कारण. इस चुनाव के परिणाम राज्य में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं.

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