तेलंगाना के मलकाजगिरी में मंदिर के शिखर पर नमाज पढ़ने की अफवाह, सांप्रदायिक तनाव में बदला माहौल
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भीड़ जुट गई और लोगों ने सांप्रदायिक रंग देते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. पुलिस की जांच ने एक बड़ी अफवाह को खत्म करते हुए सच्चाई को सामने ला दिया.

मलकाजगिरी जिला के मेडिपल्ली इलाके में स्थित सिंगारम के हनुमान मंदिर परिसर में बीते दिनों अचानक तनाव का माहौल बन गया, जब एक व्यक्ति पर मंदिर के शिखर पर चढ़कर नमाज पढ़ने का गंभीर आरोप लग गया. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भीड़ जुट गई और लोगों ने सांप्रदायिक रंग देते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई, लेकिन पुलिस की समय पर पहुंच और त्वरित जांच ने एक बड़ी अफवाह को खत्म करते हुए सच्चाई को सामने ला दिया.
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला एक भ्रामक समझ से शुरू हुआ. मंदिर में मौजूद एक भक्त ने देखा कि एक व्यक्ति मंदिर के ऊंचे शिखर पर चढ़ा हुआ है और उसने उसे नमाज पढ़ते हुए महसूस किया. जैसे ही भक्त ने उसे रोकने की कोशिश की, व्यक्ति ने कथित तौर पर ब्लेड की धमकी दे दी, जिससे माहौल और गरमा गया. इसके बाद खबर तेजी से फैली और सिंगारम क्षेत्र के निवासियों ने मंदिर का घेराव कर दिया. भीड़ इतनी आक्रोश में थी कि उन्होंने पुलिस वाहन का रास्ता रोक दिया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया. तस्वीर यह थी कि मंदिर परिसर में जानबूझकर सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने का काम किया जा रहा है.
पुलिस ने मामले की जांच की तो यह जानकारी आई सामने
हालांकि, जब मेडिपल्ली पुलिस ने मामले में गहराई से जांच की तो सामने आए तथ्यों ने सबको चौंका दिया. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी मानसिक स्थिति की जांच की. सब-इंस्पेक्टर शिव कुमार ने स्पष्ट किया कि व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार है और वह काफी लंबे समय से उसी इलाके में घूम रहा था. उसे अपना नाम तक याद नहीं था. पुलिस ने उसे गांधी अस्पताल ले जाकर डॉक्टरों से जांच कराई, जहां उसे मानसिक रोगी पाया गया. असल में उसने कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं किया था, बल्कि उसकी बीमारी के कारण उसके कृत्यों को गलत तरीके से समझ लिया गया. अब पुलिस उसे मानसिक अस्पताल में भर्ती कराने की प्रक्रिया में जुटी है.
Source: IOCL

























