BRS महिला MLAs के साथ बदसलूकी पर HC सख्त, पुलिस के खिलाफ एक्शन का आदेश
कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश दिया, जिसमें महिला विधायकों के साथ कथित बदसलूकी में शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान भी शामिल हो.

तेलंगाना हाई कोर्ट ने सोमवार को राज्य पुलिस को कड़ा निर्देश दिया कि वे विधायकों को विधानसभा जाने से न रोकें. कोर्ट ने अधिकारियों को ये भी निर्देश दिया कि वे उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, जिन्होंने दिन में विधान सभा के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान BRS की महिला विधायकों के साथ बदसलूकी की थी.
ये निर्देश BRS विधायक तलसानी श्रीनिवास यादव द्वारा दायर 'लंच मोशन' याचिका पर सुनवाई के दौरान आया. उन्होंने विधानसभा परिसर में प्रवेश न दिए जाने और पुलिस की कथित मनमानी के मामले में कोर्ट से दखल की मांग की थी.
विधायकों की बदसलूकी पर HC सख्त
कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश दिया, जिसमें महिला विधायकों के साथ कथित बदसलूकी में शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान भी शामिल हो. बेंच ने कहा कि हालांकि विधानसभा के भीतर नियम लागू करना स्पीकर का अधिकार है, लेकिन पुलिस को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए. मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी गई है और कोर्ट ने सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
हाई कोर्ट का यह दखल दिन भर चले भारी हंगामे के बाद आया, जिसमें BRS विधायकों - जिनमें कार्यकारी अध्यक्ष K.T. रामा राव और पूर्व मंत्री T. हरीश राव शामिल थे - को कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लिखी काली टी-शर्ट पहनने के कारण पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. BRS ने आरोप लगाया कि P. सबिता इंद्रा रेड्डी और V. सुनीता लक्ष्मा रेड्डी समेत महिला विधायकों को पुलिस ने बालों से घसीटा और उनके साथ बदसलूकी की. पार्टी ने इस घटना को राज्य के विधायी इतिहास का "काला दिन" करार दिया.
बीआरएस का जोरदार प्रदर्शन
BRS ने इस घटना को लेकर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है और मुख्यमंत्री A. रेवंत रेड्डी से गृह मंत्री के पद से इस्तीफे की मांग की है. कोर्ट का निर्देश विपक्षी पार्टी के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिसने पुलिस पर सरकार के इशारे पर उनके विरोध को दबाने का आरोप लगाया था. वहीं, पुलिस ने अभी तक कोर्ट के आदेशों और दुर्व्यवहार के विशिष्ट आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.




















