केंद्रीय मंत्री बंडी संजय के बेटे बंडी भागीरथ को POCSO मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत, भेजे गए चरलापल्ली जेल
Telangana Pocso Case: आरोपी भागीरथ के वकील करुणा सागर ने कहा कि हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. जांच के दौरान सारी सच्चाई सामने आ जाएगी. साई भागीरथ निर्दोष हैं और इस मामले से बरी होकर बाहर आएंगे.

- वकील ने कहा, जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी साई भागीरथ को रविवार (17 मई, 2026) को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच चरलापल्ली जेल भेज दिया गया. उन्हें POCSO के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और अब अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
बंडी साई भागीरथ को रविवार (17 मई, 2026) को मेडिकल जांच के बाद मेडचल अदालत में पेश किया गया. इसके बाद मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड में भेज दिया. न्यायिक रिमांड की आखिरी तारीख 29 मई, 2026 तय की गई है.
आरोपी साई भागीरथ को चरलापल्ली सेंट्रल जेल भेजा गया
अदालत के आदेश के बाद, पुलिस ने आरोपी को चरलापल्ली जेल में स्थानांतरित कर दिया है. चरलापल्ली हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित एक केंद्रीय जेल है. स्थानांतरण के दौरान भारी सुरक्षा तैनात की गई थी. कई पुलिसकर्मियों ने जेल वैन को घेर रखा था. वे नहीं चाहते थे कि कहीं भी किसी भी तरह की कोई समस्या हो.
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इस बीच, आरोपी भागीरथ के वकील करुणा सागर ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘हमने स्वेच्छा से भागीरथ को पुलिस के हवाले कर दिया है. हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. जांच के दौरान सारी सच्चाई सामने आ जाएगी. वह निर्दोष हैं और इस मामले से बरी होकर बाहर आएंगे.’
सुनवाई के दौरान अदालत ने क्या कहा?
अदालत ने आरोपी साई भागीरथ को न्यायिक रिमांड पर इसलिए भेजा, क्योंकि POCSO मामला बहुत गंभीर है. आरोप एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का है. न्यायाधीश को लगा कि इस मामले में आगे और जांच की आवश्यकता है. इसलिए इस चरण पर जमानत नहीं दी गई. वहीं, पुलिस को भागीरथ से पूछताछ करने और जांच पूरी करने के लिए समय चाहिए था.
मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की बात सुनी. इस दौरान अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए. बचाव पक्ष ने जमानत की मांग की, लेकिन अदालत सहमत नहीं हुई और आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, अब भागीरथ 29 मई तक जेल में ही रहेगा, जब तक उसे किसी ऊपरी अदालत से जमानत नहीं मिल जाती है. उसके वकील ने कहा कि वे फिर से जमानत याचिका दायर करेंगे.
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