मेडचल जिले के अलैर विधानसभा क्षेत्र के लाल गुड़ी मलकपेट गांव में बुधवार (4 फरवरी, 2026) को कांग्रेस और बीआरएस (BRS) कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त झड़प हो गई. मामला उस समय तूल पकड़ा जब बीआरएस विधायक मल्लारेड्डी पार्टी प्रत्याशियों से बातचीत कर रहे थे और कांग्रेस के डीसीसी अध्यक्ष वाजरेश यादव वहां जोरदार संगीत के साथ पहुंच गए. गाने की आवाज कम करने की मांग को लेकर हुए विवाद ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

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मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस समय शुरू हुई जब मेडचल विधायक मल्लारेड्डी अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के साथ गांव में चर्चा कर रहे थे. तभी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष वाजरेश यादव एक प्रचार वाहन पर सवार होकर वहां पहुंचे. उनके वाहन में कांग्रेस पार्टी के प्रचार गाने बहुत तेज आवाज पर बज रहे थे.

बीआरएस नेताओं ने जब वाहन को रोककर आवाज कम करने का अनुरोध किया, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे नकार दिया. इस बात पर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई. कुछ ही पलों में बातचीत आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई और फिर दोनों समूहों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई. देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया और नारेबाजी के साथ-साथ हाथापाई भी शुरू हो गई.

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दरअसल, मेडचल जिला तेलंगाना की राजनीति में हाई-प्रोफाइल माना जाता है. चुनावी दौर के करीब आते ही यहां पर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह और आक्रामकता देखी जा रही है. पिछले कुछ दिनों में भी प्रचार सामग्रियों को लेकर और झंडे लगाने को लेकर छोटे-मोटे विवाद होते रहे हैं, लेकिन आज की घटना ने स्थानीय प्रशासन के लिए अलर्ट जैसी स्थिति पैदा कर दी है.

झड़प की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्षों को समझाकर अलग किया. हालांकि, इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है. आम जनता इस तरह की घटनाओं से चिंतित है, क्योंकि चुनावी रैलियां नेताओं के संदेश देने का माध्यम होती हैं, न कि हिंसा करने का. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है.