Telangana Board Exams 2026: तेलंगाना में बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए बड़ी राहत, अब मिलेगा 5 मिनट का ग्रेस पीरियड
Telangana Board Exams 2026: तेलंगाना सरकार ने इंटरमीडिएट और एसएससी बोर्ड परीक्षाओं 2026 के लिए 5 मिनट ग्रेस पीरियड की घोषणा की है. इस बीच सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए गए हैं.

तेलंगाना सरकार ने राज्य में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर एक अहम और राहत भरा फैसला लेते हुए छात्रों के लिए 5 मिनट का ग्रेस पीरियड (अनुग्रह अवधि) देने की घोषणा की है. यह फैसला 25 फरवरी से शुरू होने वाली इंटरमीडिएट और 14 मार्च से होने वाली SSC परीक्षाओं के लिए लागू होगा, जिसमें कुल 14.7 लाख से अधिक छात्र भाग लेंगे. सत्ता प्राधिकरण ने न केवल छात्रों के लिए लचीलाहट बरती है, बल्कि परीक्षाओं को नकल व गड़बड़ी मुक्त कराने के लिए कड़े सुरक्षा बंदोबस्त भी किए हैं.
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, इस बार परीक्षा का आयोजन अभूतपूर्व पैमाने पर होगा, जिसमें इंटर पहले वर्ष के 4.89 लाख और दूसरे वर्ष के 4.53 लाख छात्र पेपर देंगे, वहीं SSC परीक्षा में 5.28 लाख उम्मीदवार शामिल होंगे. छात्रों की सुविधा के लिए हॉल टिकट अब व्हाट्सएप के माध्यम से सीधे उनके मोबाइल पर भेजे जाएंगे, साथ ही इन्हें ऑनलाइन भी डाउनलोड किया जा सकता है. परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वहां बेंच, घड़ी वाले कमरे (क्लॉक रूम्स) और मेडिकल सहायता की पूरी व्यवस्था रखी गई है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके.
तेलंगाना के परीक्षा केंद्र में CCTV
सुरक्षा के मामले में प्रशासन ने कोई कोताही नहीं बरती है. परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी प्रश्न पत्रों में QR कोड लगाया गया है और इन्हें परीक्षा शुरू होने के ठीक 15 मिनट पहले खोला जाएगा. केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और पुलिस बंदोबस्त के साथ-साथ फ्लाइंग स्क्वाड की भी तैनाती की गई है ताकि कोई भी अनचाहा तत्व परीक्षा प्रक्रिया में बाधा न पहुंचा सके. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नकल को प्रोत्साहित करने वाले किसी भी तत्व के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
तेलंगाना में नकल पर रोक लगाने की कोशिश
पिछले कुछ वर्षों में राज्य में परीक्षाओं के दौरान हुई अनियमितताओं और नकल की घटनाओं को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से कहीं अधिक सतर्क है. ग्रेस पीरियड देने का यह निर्णय उन तमाम छात्रों के लिए सुकून की बात है जो यातायात या अन्य अनिवार्य कारणों से कभी-कभी मामूली देरी से पहुंच जाते हैं. यह कदम छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने और परीक्षा प्रणाली को और अधिक मानवीय बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है. तेलंगाना शिक्षा विभाग का यह प्रयास छात्र हित को प्राथमिकता देने के साथ-साथ परीक्षा की गरिमा को बनाए रखने का संदेश देता है.
Source: IOCL























