तेलंगाना के निर्मल जिले में स्थित प्रतिष्ठित बसारा ट्रिपल आईटी (IIIT) के छात्रावास में बुधवार को एक और दिल दहलाने वाली घटना सामने आई, जहां ई1 श्रेणी (इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष) की तीसरे वर्ष की छात्रा वसंथा ने अपने हॉस्टल कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वानापार्ती जिले की रहने वाली इस छात्रा ने तब यह कदम उठाया जब हॉस्टल की अन्य छात्राएं अपनी क्लासेज में चली गई थीं.

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इस घटना की जानकारी तब हुई जब उसे बेहोशी की हालत में पाया गया. प्रबंधन द्वारा तत्काल उसे भैंसा एरिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया, लेकिन आरोप लगाए जा रहे हैं कि संस्थान प्रशासन ने शुरू में इस घटना को छिपाने की कोशिश की.

क्लास के समय कमरे में रहकर उठाया कदममिली जानकारी के अनुसार, वसंथा ने जब सहपाठियों के साथ क्लास जाने के बजाय हॉस्टल रूम में रहने का फैसला किया, तो किसी को शक नहीं हुआ. उसने कमरे के अंदर फांसी का फंदा बनाकर अपनी जान दे दी. जब लोगों का ध्यान इस ओर गया, तो प्रबंधन सक्रिय हो गया और उसे इलाज के नाम पर अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन इस घटना को कैंपस के बाहर जाने से रोकना चाहता था, लेकिन छात्रा की मौत की खबर जल्द ही आग की तरह फैल गई. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और छात्रा के परिजनों को सूचना दे दी है. वसंथा के परिवार में हाहाकार मचा हुआ है और वे मौके पर पहुंच रहे हैं.

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संस्थान में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएंयह घटना बसारा IIT की चर्चा को फिर से तेज कर देती है, क्योंकि यह इस संस्थान में छात्रों की होने वाली आत्महत्याओं का एक लंबा सिलसिला है. पिछले कुछ वर्षों में यहां कई छात्रों ने अपनी जान दे दी है, जिससे यहां की शैक्षणिक प्रणाली और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

पढ़ाई और दबाव को लेकर उठ रहे सवालअक्सर छात्रों को भारी पाठ्यक्रम, कड़े अनुशासन और प्रदर्शन के दबाव का सामना करना पड़ता है, जो कमजोर दिल वाले छात्रों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है. माता-पिता और छात्र संगठन अक्सर प्रशासन पर छात्रों की मानसिक स्थिति को न समझने और सख्त नियमों को लागू करने का आरोप लगाते रहे हैं.

पुलिस जांच में जुटी, वजह की पड़ताल जारीपुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर वसंथा जैसी होशियार छात्रा को यह कदम क्यों उठाना पड़ा. क्या यह कोई व्यक्तिगत कारण था, या फिर संस्थान का दबाव और प्रबंधन का रवैया इसके लिए जिम्मेदार है? वर्तमान में पुलिस ने आत्महत्या की धारा के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई में जुटी है.