तेलंगाना सचिवालय परिसर के मंदिर में रिश्वत ले रहा था अधिकारी, ACB ने पकड़ा
तेलंगाना में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस रवैया अपनाया है और ACB ने सरकारी सेवाओं के लिए रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है.

- तेलंगाना सचिवालय में एसीबी ने सेक्शन ऑफिसर विनोद को पकड़ा।
- मुख्यमंत्री राहत कोष फाइलों हेतु एक लाख रिश्वत ली।
- आउटसोर्सिंग कर्मचारी राघवेंद्र गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क की जांच जारी।
तेलंगाना के प्रशासनिक कामकाज के केंद्र में एक चौंकाने वाली घटना में, एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) के अधिकारियों ने गुरुवार (10 सितंबर, 2026) को सचिवालय में काम करने वाले एक सेक्शन ऑफिसर को परिसर में मौजूद मंदिर के पास 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा. आरोपी की पहचान विनोद के तौर पर हुई है और उसे राघवेंद्र नाम के एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी के साथ पकड़ा गया. ACB सूत्रों के मुताबिक, यह जाल मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से जुड़ी फाइलों के प्रोसेस होने को लेकर मिली शिकायत के बाद बिछाया गया था. आरोप है कि CMRF से जुड़े रुके हुए काम को पूरा करने के लिए रिश्वत मांगी गई थी.
ACB ने जाल बिछाकर अधिकारी को पकड़ा
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ACB की टीम अधिकारी की गतिविधियों के बारे में पक्की जानकारी मिलने के बाद उस पर नजर रख रही थी. आरोपी ने लेन-देन के लिए सचिवालय परिसर के मंदिर को चुना, शायद इसलिए कि वहां कम लोगों का ध्यान जाएगा. हालांकि, चुपके से तैनात ACB अधिकारियों ने जैसे ही कैश का लेन-देन हुआ, वैसे ही कार्रवाई की.
विनोद और राघवेंद्र दोनों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया. गवाहों की मौजूदगी में रिश्वत के नोट बरामद किए गए और ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी.
आरोपियों की भूमिका की तह तलाश रही एसीबी
आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए नामपल्ली स्थित ACB ऑफिस ले जाया गया. जांच करने वाले यह पता लगा रहे हैं कि क्या यह रिश्वत CMRF आवेदनों को प्रोसेस करने से जुड़े भ्रष्टाचार के किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी. ये आवेदन गरीब और जरूरतमंद लोगों को आर्थिक मदद देने के लिए होते हैं.
वहीं, आउटसोर्सिंग कर्मचारी राघवेंद्र की भूमिका की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या उसने इस लेन-देन में बिचौलिए का काम किया था. अधिकारियों ने कहा कि जांच में मामले के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा और और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता है.
भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की जीरो-टॉलरेंस की नीति
तेलंगाना सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस रवैया अपनाया है और ACB ने सरकारी सेवाओं के लिए रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. उम्मीद है कि मामले में तेजी से कार्रवाई होगी और ACB आरोपियों को स्पेशल कोर्ट में पेश करेगी. जांच जारी रहने के साथ ही और जानकारी का इंतजार है.
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