नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सुप्रीमो शरद पवार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित बचाव से नाराज तारिक अनवर पार्टी छोड़ चुके हैं. अब सवाल है कि तारिक अनवर का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा? अटकलें लगाई जा रही है कि वे एक बार फिर कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं. कटिहार से सांसद तारिक अनवर ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि मैंने अभी कोई फैसला नहीं लिया है. अपने करीबियों से चर्चा के बाद फैसला लूंगा. साथ ही उन्होंने कहा, ''मैं कांग्रेस में रह चुका हूं. एनसीपी भी कांग्रेस से ही निकली और कांग्रेस की विचारधारा को आगे बढ़ाया.''

आपको बता दें कि तारिक अनवर ने 1999 में शरद पवार के साथ कांग्रेस पार्टी छोड़कर एनसीपी बनाई थी. दिवंगत पीए संगमा, शरद पवार और तारिक अनवर ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था.

उन्होंने सोनिया गांधी के विदेशी मूल के सवाल पर कहा, ''यह मुद्दा 2004 में समाप्त हो गया. सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मामला उठाना गलत था, मुझे अपनी गलती का एहसास है.''

तारिक अनवर ने कहा, ''कांग्रेस में शामिल होना होता तो हो सकते थे. शरद पवार से इजाजत लेकर जा सकते थे. लेकिन पवार का जो बयान आया उससे लगा कि उन्होंने राफेल मामले में प्रधानमंत्री को क्लीनचिट दे दी है. उनके बयान से जितने आरोप हैं वो बेकार हो जाते हैं. पार्टी अध्यक्ष द्वारा इस तरह का बयान दिया गया तो मुझे लगा कि मुझे पार्टी से अलग हो जाना चाहिए. पार्टी की तरफ से सफाई बहुत देर से आई. अगर बयान गलत था तो तुरंत सफाई देनी चाहिए थी. राफेल के मामले में सभी विपक्षी पार्टियां एकजुट थी और कहीं न कहीं इसमें भ्रष्टाचार हुआ है.''

राफेल विवाद: शरद पवार बोले-मोदी की नीयत पर शक नहीं, अमित शाह ने कहा-क्या बड़े नेता की बात मानेंगे राहुल?

एनसीपी के महासचिव रह चुके तारिक अनवर ने कहा कि एनसीपी की स्थापना में हमारा योगदान रहा है. मैं शरद पवार का सम्मान करता हूं. उन्होंने भी इसकी कद्र की है. मुझे व्यक्तिगत तौर पर कोई दिक्कत नहीं है.

उन्होंने शरद पवार के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पवार विपक्ष की एकजुटता के लिए काम कर रहे थे लेकिन अचानक बयान से विपक्ष की मुहीम को नुकसान पहुंचा. बीजेपी ने तुरंत पवार के बयान के सहारे राफेल को लेकर खुद का बचाव किया. एनसीपी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी को समर्थन देकर गलती की थी.

कांग्रेस बोली- पीएम मोदी को पवार के ‘क्लीनचिट’ देने की बात ‘बेबुनियाद’