तमिलनाडु विधानसभा में नेता विपक्ष और DMK विधायक उदयनिधि स्टालिन की मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को हुई गिरफ्तारी के बाद राज्य में भारी ड्रामा देखने को मिला है. दरअसल, उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मद्रास हाई कोर्ट के आदेश से उन्हें पूछताछ के लिए तंजावुर दक्षिण पुलिस स्टेशन लेकर जा रही थी, लेकिन थाने के बाहर डीएमके और उदयनिधि के समर्थकों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया.
ऐसे में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन से पूछताछ करने वाली जगह को तंजावुर साउथ पुलिस स्टेशन से बदलकर करीब 21 किलोमीटर दूर सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन ले गई, लेकिन तंजावुर साउथ पुलिस स्टेशन के बजाए सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन ले जाने के बाद डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने पुलिस वैन से बाहर निकलने से इनकार कर दिया. उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया कि सेंगीपट्टी वो पुलिस स्टेशन नहीं है, जिसका जिक्र कोर्ट के सामने किया गया था.
पुलिसकर्मियों और DMK समर्थकों के बीच हुई धक्का-मुक्की
जहां एक तरफ मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन में तमिलनाडु के नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन से मंगलवार (4 जुलाई) को पूछताछ की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस स्टेशन के बाहर भारी संख्या में डीएमके और उदयनिधि स्टालिन के समर्थकों की भीड़ इकट्ठा हो गई और इस दौरान पुलिस और डीएमके समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की घटना भी सामने आई है. पार्टी के समर्थक पुलिस स्टेशन के बाहर जोरों-शोर से उदयनिधि स्टालिन के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं.
वहीं, पूछताछ के बाद जब तंजावुर पुलिस ने नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन को मुक्त किया, तब डीएमके नेता ने सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन के बाहर मौजूद अपने समर्थकों का आभार जताया.
उदयनिधि की गिरफ्तारी पर बोले तमिलनाडु सरकार के मंत्री
वहीं, तमिलनाडु सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री केजी अरुणराज ने नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, ‘इस बात से हर कोई सहमत है कि वो एक भद्दी टिप्पणी थी और वो भी डीएमके के बहुत सीनियर नेता की तरफ से दी गई. इसलिए यह सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे घिनौना काम करने के बाद कोई भी कानून के शिकंजे से बच न पाए. यही वजह है कि राज्य सरकार ने इस मामले में बहुत सख्त कार्रवाई की है.’
सुनवाई के दौरान मद्रास हाई कोर्ट में क्या बोले सरकारी वकील?
मामले को लेकर मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तारी करने का कोई इरादा नहीं है. क्योंकि यह मामला एक महिला की अस्मिता से जुड़ा हुआ है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी था.
वहीं, सरकारी पक्ष की दलील को ध्यान में रखते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसियां पूछताछ जरूर कर सकती हैं, लेकिन पूछताछ पूरी हो जाने के बाद उदयनिधि स्टालिन को छोड़ दिया जाना चाहिए.
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