तमिलनाडु में आंकड़ों की बाजीगरी, पर्दे के पीछे चल रही धुरविरोधी AIADMK-DMK की बातचीत? गेमचेंजर TVK बहुमत से दूर
Tamil Nadu Political Game: तमिलनाडु में इस बार किसी भी पार्टी को जनादेश नहीं मिला है, लेकिन टीवीके एक बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. इधर, AIADMK और DMK में गठबंधन को लेकर गुपचुप बातचीत शुरू हो गई है.

Figure-Juggling Begins in Tamil Nadu: तमिलनाडु में उस समय सारे समीकरण धरे के धरे रह गए, जब सत्ता का जनादेश तीन साल पहले बनी पार्टी टीवीके के पक्ष में आया. ऐसे में सत्ता परिवर्तन के अरमान सजाए बैठी AIADMK और सत्ता में वापसी ख्वाब देख रही स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार को जबरदस्त झटके का सामना करना पड़ा. अब खबर है कि यह दोनों पार्टी मिलकर गुपचुप तरीके से बातचीत शुरू कर रहे हैं. दोनों पार्टी सहयोगी जुटाने और सरकार बनाने की कोशिश करती नजर आ रही हैं.
फिलहाल यह सभी कुछ सीक्रेट प्लान के तहत किया जा रहा है. इसकी वजह है कि टीवीके 108 सीटों पर जीत हासिल करके बड़ी पार्टी तो बनी है, उसे कांग्रेस का साथ भी मिला है, लेकिन अभी भी बहुमतके लिए 6 सीटों की जरूरत है. इधर, राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद टीवीके को बहुमत लेकर आने का निर्देश दिया गया है. वहीं, टीवीके साथ गठबंधन की खबरों पर एआईएडीमके ने दो टूक यह कहते हुए मना कर दिया कि उनके साथ किसी भी हाल में नहीं जाएंगे.
दोनों धुरविरोधी पार्टियों में गुपचुप बातचीत की खबर
इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि डीएमके और उसके पुराने प्रतिद्वंदी AIADMK के साथ गुपचुप बातचीत शुरू हो गई है. यह दोनों पार्टियों के बीच एक दुर्लभ कदम है. पारंपरिक रूप से यह दोनों पार्टी एक दूसरे की विरोधी रही हैं. AIADMK ने सूत्रों के हवाले से पुष्टी की है कि बातचीत हुई है, लेकिन अभी किसी भी तरह की सफलता की आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या डीएमके इस कदम के लिए तैयार है. यह तमिलनाडु की राजनीति में एक अभूतपूर्व बदलाव माना जा रहा है. डीएमके को 59 सीटें मिली हैं. जबकि, एआईएडीमके को 47 सीटें मिली हैं.
AIADMK में फूट की खबर, विजय गुट के साथ जाना चाहते हैं कई विधायक
AIADMK को लेकर डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया है कि AIADMK के भीतर भी फूट पड़ गई है. मुझे लगता है कि AIADMK के लोगों का विजय के गुट के साथ जाने में दिलचस्पी है. देखते हैं. वहीं, वीसीके और वामपंथी पार्टियों को लेकर कहा है कि वे हमारे साथ है. वह आज और कल भी हमारे नेता से मिलने आए थे.
फिर भी आंकड़ों की बाजीगरी में पिछड़ रहा सहयोग
फिलहाल अगर बहुमत के गुणाभाग पर नजर डालें तो डीएमके और एआईएडीएमके भले ही एक साथ आ जाएं, लेकिन दोनों के मिलाकर कुल 106 विधायक ही हो रहे हैं. ऐसे में सरकार बनाने के लिए बहुमत के आंकड़े से यह गठजोड़ भी काफी दूर नजर आता है. बहुमत का आंकड़ा 118 है.
तमिलनाडु की राजनीति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
AIADMK का गठन साल 1972 में हुआ था. उस वक्त एमची रामचंद्रन को डीएमके से निकाल दिया गया था. इन्हें एमजीआर के भी नाम से जाना जाता है. यह फैसला तबके पार्टी अध्यक्ष एम करुणानिधि ने लिया था. उस समय पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे. तब से दोनों द्रविड़ पार्टियां दशकों तक एक दूसरे की धुरविरोधी रही. इसने पूरे तमिलनाडु की राजनीति के परिदृश्य को बदल कर रख दिया था और एक अलग ही नरैटिव राज्य में सेट किया था.
Source: IOCL

























