तमिलनाडु और कर्नाटक में कावेरी नदी के पानी को लेकर विवाद जारी है. इस बीच सीएम विजय ने कहा कि कावेरी मुद्दे को कानूनी तरीके से सुलझाने पर अडिग हूं, इसमें कोई बदलाव नहीं है.
सीएम ने इशारों में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयान पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि ‘‘मैं ओछी राजनीति में नहीं पड़ना चाहता.’' स्टालिन ने पिछले दिनों तंजावुर में कावेरी मुद्दे पर भाषण दिया था. इस दौरान भीड़ ‘‘तृषा, तृषा’’ के नारे लगा रही थी, तो उन्होंने एक अश्लील और द्विअर्थी टिप्पणी की.
इस बयान के बाद टीवीके और बीजेपी के नेताओं ने काफी आलोचना की. बाद में पुलिस ने शिकायत के आधार पर उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में ले लिया और पूछताछ की. हालांकि हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.
सीएम विजय ने क्या कुछ कहा?
सीएम ने कहा, ''बेंगलुरु जाकर इस मुद्दे को हल करने की कोशिश करने के बारे में सोचा था. सोचा कि पड़ोसी राज्य के साथ बातचीत की जाए, क्योंकि कट्टर दुश्मन देश भी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत करते हैं.''
उन्होंने कहा, ''तमिलनाडु के लोगों के लिए कावेरी मुद्दे पर बातचीत करने की कोशिश में मैं अपमान सहने को भी तैयार था.'' विजय ने कांग्रेस के दिवंगत नेता का हवाला देते हुए कहा कि कावेरी मुद्दे को बेहद सावधानी और संवेदनशीलता के साथ संभालने की आवश्यकता है.
कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक में लंबे समय से संघर्ष चला आ रहा है. तमिलनाडु के सीएम ने विधानसभा चुनाव के दौरान मुद्दे को सुलझाने का वादा किया था.
उदयनिधि स्टालिन ने घेरा
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक DMK विधायक उदयनिधि स्टालिन ने कहा, "कर्नाटक मेकेदातु बांध बनाने के लिए उत्सुक है. इस मुद्दे पर कर्नाटक सरकार आगे बढ़ रही है. कर्नाटक सरकार की तरह, हमें भी यह दिखाना चाहिए कि हम मेकेदातु बांध के निर्माण के खिलाफ एकजुट हैं. तमिलनाडु में सभी राजनीतिक दल सरकार से मेकेदातु बांध के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रहे हैं. हर कोई पूछ रहा है कि तमिलनाडु सरकार इस मामले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने से क्यों बच रही है.''
उन्होंने कहा, ''तमिलनाडु के कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय कर्नाटक का दौरा करेंगे, जबकि एक अन्य मंत्री ने कहा कि मामला अभी विचाराधीन है. बाद में, कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को कर्नाटक नहीं आना चाहिए. क्या आप सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे या नहीं? क्या मुख्यमंत्री कर्नाटक का दौरा करने की योजना बनाएंगे या नहीं? अपने चुनावी वादों में आपने कहा था कि किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. अगर आप कहते हैं कि और समय चाहिए, तो आपको यह स्पष्ट करना चाहिए कि कितना समय लगेगा."
