तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख सी जोसेफ विजय आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके शपथ ग्रहण समारोह को लेकर DMK प्रवक्ता ए सरवनन ने कहा कि वो इसलिए सीएम बन पा रहे हैं क्योंकि निवर्तमान मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम प्रमुख एमके स्टालिन ने सहयोगी दलों को टीवीके संग हाथ मिलाने के लिए राजी किया.
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय को बधाई. वे डीएमके के सहयोगियों की मदद से मुख्यमंत्री बन पाए हैं. हमारे नेता एमके स्टालिन संवैधानिक संकट नहीं चाहते थे इसलिए उन्होंने व्यापक विचार-विमर्श के बाद सहयोगियों को विजय की पार्टी के साथ हाथ मिलाने के लिए राजी किया.
DMK प्रवक्ता ने कांग्रेस पर कसा तंजकांग्रेस पर निशाना साधते हुए DMK प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस ने सबसे पहले इंडिया गठबंधन के सहयोगी DMK से अलग होकर टीवीके को समर्थन दिया. उन्होंने आगे कहा कि स्टालिन के नेतृत्व वाली पार्टी के कार्यकर्ताओं की जमीनी स्तर पर की गई कड़ी मेहनत के कारण ही कांग्रेस 5 सीटें जीत पाई.
107 से कैसे 120 तक पहुंचा नंबरशनिवार रात तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर एक सप्ताह से चल रही अनिश्चितता का अंत हो गया. टीवीके को बहुमत के लिए जरूरी समर्थन मिल गया है. विजय ने चेन्नई की पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट से जीत हासिल की, लेकिन उन्हें 1 सीट छोड़नी पड़ी, जिससे पार्टी की सीटों की संख्या घटकर 107 रह गई. इसके बाद टीवीके को कांग्रेस (5), सीपीआई और सीपीआई (एम) से दो-दो विधायकों का समर्थन मिला, जिससे गठबंधन की कुल संख्या 116 हो गई.
कितनी पार्टियों से मिला समर्थनइसके बाद शनिवार को टीवीके को विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के 4 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद विधानसभा में विधायकों की संख्या 120 हो गई, जो 234 सदस्यीय विधानसभा में साधारण बहुमत के 118 के आंकड़े को पार कर गई. इसके बाद उन्होंने सरकार गठन पर चर्चा के लिए तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की.
विजय ने राज्यपाल को टीवीके से विधानसभा में पार्टी नेता के रूप में अपने चुनाव की सूचना देते हुए एक लेटर सौंपा. उन्होंने कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई-एम, वीसीके और आईयूएमएल से प्राप्त लेटर भी पेश किए, जिसके बाद उनके नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया गया.
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