हाथ जोड़े, गले मिले और दी शुभकामनाएं, सीएम की शपथ के बाद स्टालिन से विजय की पहली मुलाकात, क्या हुई बात?
MK Stalin meet Vijay: विजय ने कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाई है. चुनाव परिणाम 4 मई को आने के बाद तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर लंबे राजनीतिक संघर्ष की संभावना जताई जा रही थी.

तमिलनाडु में ऐतिहासिक चुनाव जीत के बाद मुख्यमंत्री बने अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय ने शपथ लेने के एक दिन बाद पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से मुलाकात की. इस चुनाव में विजय की पार्टी ने दशकों पुराने डीएमके और एआईएडीएमके के राजनीतिक वर्चस्व को तोड़ दिया. हालांकि दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है.
मुलाकात की तस्वीरें आईं सामने
मीडिया के साथ साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों में विजय काले रंग के सूट में नजर आए. उन्होंने स्टालिन का हाथ जोड़कर अभिवादन किया, जिसका जवाब डीएमके प्रमुख ने भी उसी अंदाज में दिया.
कांग्रेस और सहयोगियों के सहारे बनी सरकार
विजय ने कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाई है. चुनाव परिणाम 4 मई को आने के बाद तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर लंबे राजनीतिक संघर्ष की संभावना जताई जा रही थी. कई गठबंधनों की चर्चा थी और यहां तक अटकलें लग रही थीं कि एआईएडीएमके और डीएमके भी साथ आ सकते हैं.
स्टालिन ने दी बधाई, लेकिन दी नसीहत भी
मुलाकात से पहले ही स्टालिन ने विजय को जीत और मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी थी. हालांकि उन्होंने नए मुख्यमंत्री को राज्य की आर्थिक स्थिति के लिए पिछली सरकार को दोष न देने की सलाह भी दी.
स्टालिन ने कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मैं उन घोषणाओं का भी स्वागत करता हूं, जिन पर आपने पद संभालते ही हस्ताक्षर किए.'
‘सरकार के पास पैसा है, जरूरत इच्छाशक्ति की’
स्टालिन ने कहा, 'शुरुआत में ही यह मत कहिए कि सरकार के पास पैसा नहीं है. पैसा है, जरूरत है उसे जनता तक पहुंचाने की इच्छाशक्ति और शासन चलाने की क्षमता की.'
उन्होंने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि डीएमके सरकार ने कोविड, बाढ़ और केंद्र की बीजेपी सरकार की अनदेखी जैसी चुनौतियों के बावजूद पांच साल तक कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाईं.
10 लाख करोड़ के कर्ज वाले बयान पर भी जवाब
स्टालिन ने विजय के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें नए मुख्यमंत्री ने कहा था कि पिछली सरकार 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ गई और सरकारी खजाना खाली कर दिया. इस पर स्टालिन ने कहा, 'तमिलनाडु का कर्ज तय सीमा के भीतर है. हमने फरवरी के बजट में राज्य की आर्थिक स्थिति साफ तौर पर बताई थी. क्या आपको इसकी जानकारी नहीं थी?'

























