TVK ने उपचुनाव में दो सीटों पर खोले पत्ते, पूर्व AIADMK विधायकों को मैदान में उतारा
तमिलनाडु उपचुनाव के लिए TVK ने मदुरंतकम और धारापुरम (SC) सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है. जानें के. मरागाथम कुमारवेल और पी. सत्यभामा को क्यों मिला टिकट.

तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर तमिलागा वेत्री कझगम यानी TVK ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने मदुरंतकम (SC) और धारापुरम (SC) विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों का ऐलान किया है. दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है.
TVK ने यह चुनाव सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस के तहत लड़ने का फैसला किया है. पार्टी ने दोनों आरक्षित सीटों पर ऐसे नेताओं को मौका दिया है, जो पहले विधायक रह चुके हैं और संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
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मदुरंतकम से के. मरागाथम कुमारवेल को टिकट
मदुरंतकम (SC) विधानसभा सीट से TVK ने के. मरागाथम कुमारवेल को उम्मीदवार बनाया है. वह पहले इस सीट से विधायक रह चुके हैं. वर्तमान में वह TVK में डिप्टी जनरल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. पार्टी को उम्मीद है कि क्षेत्र में उनके पुराने राजनीतिक अनुभव और संगठन में मौजूदा भूमिका का चुनाव में फायदा मिल सकता है. मदुरंतकम सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और उपचुनाव में यहां मुकाबला दिलचस्प रहने की उम्मीद है.
धारापुरम से पी. सत्यभामा मैदान में
धारापुरम (SC) सीट पर TVK ने पूर्व विधायक पी. सत्यभामा को टिकट दिया है. वह पार्टी में तिरुप्पुर साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी के पद पर हैं. पार्टी ने उनके स्थानीय राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उन्हें चुनाव मैदान में उतारा है. धारापुरम भी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है. यहां TVK अपने संगठन और गठबंधन के सहारे मजबूत प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी.
6 अक्टूबर को होगा उपचुनाव
तमिलनाडु की इन दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव प्रस्तावित है. TVK के उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही पार्टी ने चुनावी मैदान में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. तमिलागा वेत्री कझगम के प्रमुख विजय हैं. पार्टी तमिलनाडु की राजनीति में खुद को एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है. इन उपचुनावों में उसका प्रदर्शन संगठन की जमीनी ताकत और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाएगा. दोनों सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब मुकाबला और स्पष्ट होने की उम्मीद है. TVK के सामने चुनौती अपने नए राजनीतिक संगठन को मतदाताओं तक पहुंचाने और गठबंधन के समर्थन को वोट में बदलने की होगी.
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