भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तमिलनाडु इकाई में उथल-पुथल के आसार नजर आ रहे हैं. राज्य में बीजेपी नेता के. अन्नामलाई के समर्थकों की ओर से उनके कुछ पोस्टर जारी किए जाने के बाद इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि अन्नामलाई नई पार्टी बना सकते हैं. पूरे कोयंबटूर में अन्नामलाई के पोस्टर सड़कों पर दिखाई दिए, जिन पर लिखा था- फियरलेस माइंड्स हेव नो लिमिट्स.
इन पोस्टरों के बाद इस बात को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एक नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं. अन्नामलाई के समर्थकों ने कहा कि उनके फैन वेलफयर ऑर्गेनाइजेशन 'अन्नामलाई अंबु कूट्टम' नए सदस्यों और पदाधिकारियों को शामिल करना चाहता है. अन्नामलाई अब तक राज्य केंद्रीय समिति की दो बैठकों में अनुपस्थित रहे हैं, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं.
अन्नामलाई ने अभी तक इस घटनाक्रम पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने अटकलों को और हवा दे दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'तमिलनाडु में एक और राजनीतिक दल बनने जा रहा है, राजनीतिक उथल-पुथल तेज हो रही है.'
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च होने की अफवाहें तेज होने के बीच, कुछ सूत्रों ने बताया कि अन्नामलाई दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन से मिलने वाले हैं. यह ताजा घटनाक्रम केंद्र सरकार की तीन-भाषा नीति को लेकर अन्नामलाई की ओर से व्यक्त किए गए स्पष्ट मतभेदों के बीच आया है.
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पिछले हफ्ते, अन्नामलाई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से आग्रह किया कि वह वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं को अनिवार्य बनाने वाली अपनी हालिया अधिसूचना को वापस ले और 2029-30 शैक्षणिक वर्ष से इस नियम को लागू करने के अपने पूर्व निर्णय का पालन करे.
15 मई, 2026 को, सीबीएसई ने सभी स्कूलों को एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि कक्षा 9 के छात्रों के लिए 1 जुलाई, 2026 से तीसरी भाषा अनिवार्य हो जाएगी, जिसके लिए पहले 2029-30 की समय सीमा निर्धारित की गई थी. एक्स पर एक पोस्ट में, अन्नामलाई ने कहा कि यह कदम कई अभिभावकों, विशेष रूप से तमिलनाडु के अभिभावकों के लिए एक झटके के रूप में आया है , क्योंकि उनके बच्चों ने कक्षा 6 में पहले ही अपनी पसंद की भाषा का चयन कर लिया था.
उन्होंने कहा कि संशोधित अधिसूचना के अनुसार, कक्षा 9 के छात्रों को 1 जुलाई, 2026 से तीन भाषाएं सीखनी होंगी, जिनमें से दो भारत की मूल भाषाएं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'कक्षा 9 के छात्र से इतने कम समय में एक नई भाषा सीखने की अपेक्षा करना बच्चों पर दबाव डालेगा और उनके समग्र सीखने के परिणामों को प्रभावित करेगा.'
अन्नामलाई ने कहा कि अप्रैल 2026 में जब सीबीएसई ने घोषणा की कि कक्षा 6 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य होंगी, जिनमें से दो भारत की मूल भाषाएं होंगी, तो उन्होंने भी इस निर्णय का स्वागत किया था. उन्होंने कहा कि इस कदम से बच्चों को भारत के विविध साहित्यिक परिदृश्य की व्यापक समझ विकसित करने में मदद मिलेगी. उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल 2026 की उसी अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा सिर्फ 2029-30 शैक्षणिक वर्ष से अनिवार्य की जाएगी.
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