तमिलनाडु में विजय सरकार पर सस्पेंस! TVK ने राज्यपाल को सौंपा AAMK विधायक का समर्थन पत्र तो थाने पहुंची पार्टी
एएमएमके के महासचिव दिनाकरन ने तमिलनाडु राज्यपाल को एक लेटर सौंपा और उन्होंने दावा किया कि टीवीके का समर्थन करने वाला पत्र सौदेबाजी और जालसाजी का मामला है.

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही राजनीतिक उठापटक जारी है. अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय आज शनिवार (9 मई) को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं लेकिन उससे पहले ही राज्य में सियासी बवाल शुरू हो गया है. एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने आरोप लगाया कि टीवीके ने उनके विधायक कामराज का फर्जी समर्थन पत्र राज्यपाल को भेजा. उन्होंने कहा कि हम इस मामले में आपराधिक शिकायत दर्ज करा रहे हैं.
टीवीके के समर्थन वाले लेटर पर क्या बोले दिनाकरन?
एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर को एक पत्र सौंपा. दिनाकरन ने दावा किया कि टीवीके का समर्थन करने वाला पत्र सौदेबाजी और जालसाजी का मामला है. उन्होंने कहा कि एएमएमके के एकमात्र विधायक कामराज एस, एनडीए और एआईएडीएमके को समर्थन करेंगे. दिनाकरन ने एआईएडीएमके के एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को सीएम पद के लिए समर्थन दिया और उन्हें गठबंधन का सही उम्मीदवार बताया.
एएमएमके के महासचिव का बयान
लोक भवन में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात के बाद दिनाकरन ने कहा कि उन्होंने एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी पलानीस्वामी के समर्थन में लेटर दिन में पहले ही लिख दिया था, जिस पर एआईएडीएमके के नवनिर्वाचित विधायक कामराज एस. ने हस्ताक्षर किए थे. उन्होंने कहा, "मैं एआईएडीएमके का समर्थन कर रहा हूं. मैंने एडप्पाडी पलानीस्वामी के सरकार गठन के समर्थन में यह लेटर सौंपा है. हमारे विधायक कामराज ने भी इस पर हस्ताक्षर करके इसे मेरे सचिव के माध्यम से भेजा है. जबकि टीवीके के पास कोई और ही लेटर था. शायद जाली पत्र."
उन्होंने आगे कहा कि मैंने अपने विधायक को फोन किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया. उन्होंने शाम करीब 6:30 बजे इस लेटर पर साइन करके इसे यहां भेजा. जब मैंने टीवी पर देखा कि हमारी पार्टी ने विजय का समर्थन किया है, तो मैं हैरान रह गया. इसलिए, मैंने राज्यपाल से मिलने का समय लिया और उन्हें लेटर सौंपकर इस मामले की जांच की अपील की है.
पलानीस्वामी को बताया सीएम पद का उम्मीदवार
दिनाकरन ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र का मज़ाक बताया. उन्होंने एनडीए और एआईएडीएमके के प्रति अपने और एएमएमके के अटूट समर्थन को दोहराते हुए ईपीएस को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बताया. उन्होंने एएनआई से कहा, "यह विधायकों की खरीद-फरोख्त या जालसाजी का मामला है. यह लोकतंत्र का मज़ाक है. हम सभी एनडीए गठबंधन में हैं और एआईएडीएमके के साथ चुनाव लड़े हैं. हमारे मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पलानीस्वामी हैं."
राज्यपाल को लिखे लेटर में एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने लिखा कि पार्टी एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी पलानीस्वामी के सरकार बनाने के दावे का समर्थन करती है. उन्होंने राज्यपाल से ईपीएस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने और मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाने की अपील की. विधानसभा चुनाव में एएमएमके को केवल 1 सीट मिली है. दिनाकरन ने पत्र में कहा कि नवनिर्वाचित विधायक कामराज एस पार्टी के रुख का समर्थन करते हैं.
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