तृणमूल कांग्रेस (TMC) से इस्तीफा देने के बाद सुष्मिता देव ने ABP News से खास बातचीत में अपनी भविष्य की राजनीति को लेकर बड़ा संकेत दिया. उन्होंने कहा कि अगर असम के विकास के लिए जरूरत पड़ी और काम करने का मौका मिला तो वह उस दिशा में कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी. हालांकि उन्होंने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.

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'हेमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में काम करने को तैयार हूं'ABP News से बातचीत में सुष्मिता देव ने कहा कि अगर केंद्र और राज्य में एक ही सरकार हो तो विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में आसानी होती है. उन्होंने संकेत दिए कि अगर असम के हित में मौका मिला तो वह मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भी काम करने को तैयार हैं.

'बंगाल की राजनीति से मेरा कोई लेना-देना नहीं'सुष्मिता देव ने साफ कहा कि टीएमसी के बागी गुट या बंगाल की अंदरूनी राजनीति से उनका कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा, 'उनकी राजनीति बंगाल की है और मेरी राजनीति असम की है.'

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ममता-सोनिया और अभिषेक-राहुल मुलाकात पर क्या बोलीं?ममता बनर्जी, सोनिया गांधी और अभिषेक बनर्जी-राहुल गांधी की मुलाकातों और टीएमसी-कांग्रेस के संभावित समीकरणों पर सुष्मिता देव ने टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि यह बड़े नेताओं और बड़ी पार्टियों का फैसला है. उन्होंने कहा, 'वे अपनी पार्टी को लेकर जो निर्णय लें, उस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहती.'

'मुझे असम में काम करना है'सुष्मिता देव ने कहा कि इस समय उनका पूरा फोकस असम और बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर है, लेकिन उनकी प्राथमिकता असम के लोगों के लिए काम करना है. उन्होंने कहा कि टीएमसी में रहते हुए वह असम में जिस तरह काम करना चाहती थीं, वह संभव नहीं हो पा रहा था.

'यह अवसरवादिता नहीं, काम करने की इच्छा है'भविष्य में किसी नई राजनीतिक पार्टी में जाने के सवाल पर सुष्मिता देव ने कहा कि इसे अवसरवादिता नहीं कहा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, 'अगर मुझे लोगों के लिए काम करने का मौका मिलेगा, तो मैं वहां जाऊंगी.' उनके इस बयान को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.