पश्चिम बंगाल में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है. याचिका में कहा गया है कि जमीनी स्तर पर मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के काम में लगे कर्मचारी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने असम, केरल और यूपी में चल रहे SIR पर भी सुनवाई की और कुछ निर्देश जारी किए.

पश्चिम बंगाल का मामला'सनातनी संगसद' नाम की संस्था ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के लंबे इतिहास और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए BLO की सुरक्षा का सवाल उठाया है. चुनाव आयोग ने याचिकाकर्ता की चिंताओं से सहमति जताई, लेकिन उसका कहना था कि पुलिस उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है. कोर्ट की तरफ से सवाल उठाने पर आयोग ने संकेत दिया कि वह केंद्रीय सुरक्षा बलों की सहायता ले सकता है.

CAA आवेदकों का मुद्दाCAA के तहत नागरिकता का आवेदन करने वाले लोगों का नाम पश्चिम बंगाल की SIR लिस्ट में न आने का सवाल उठाने वाली याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. याचिका में कहा गया है कि लंबे अरसे से भारत में रह रहे हिंदू, बौद्ध, ईसाई CAA के तहत नागरिकता के हकदार हैं, लेकिन उनके मामले में अब तक फैसला नहीं हुआ है. अब उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल न हो पाने का खतरा हो गया है. बंगाल से जुड़े दोनों मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी.

'असम को अलग क्यों किया?'असम में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की बजाय सिर्फ स्पेशल रिवीजन (SR) करवाने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया. इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार, 16 दिसंबर को होगी. याचिका में कहा गया है कि असम में बड़े पैमाने पर विदेशी घुसपैठ हुई है इसलिए, वहां पर बाकी राज्यों की तरह मतदाता सूची के सघन पुनरीक्षण की आवश्यकता है, लेकिन असम के लिए इस प्रक्रिया को हल्का रख दिया गया है.

यूपी पर भी नोटिसउत्तर प्रदेश में SIR की अवधि बढ़ाने की मांग करने वाली एक याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है. 'भारतीय किसान यूनियन (BKU) आजाद ट्रस्ट' की तरफ से दाखिल याचिका में राज्य में मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए SIR के लिए अधिक समय देने की मांग की गई है. इस मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी.

केरल में समय सीमा बढ़ीकेरल में SIR फॉर्म जमा करने की तारीख सुप्रीम कोर्ट ने 2 दिन आगे बढ़ा दी है. राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने पहले ही फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर से बढ़ा कर 18 दिसंबर कर दी थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे 2 दिन और बढ़ा दिया है. इसके पीछे इस बात को आधार बनाया गया है कि अभी भी बड़ी संख्या में फॉर्म जमा नहीं हो पाए हैं.

 

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