मनमाने हवाई किराए लगाम का मामला: सरकार ने नए नियम तैयार करने की दी जानकारी, SC बोला- '2 सप्ताह में दें ब्यौरा'
SC ने निजी एयरलाइंस के बढ़ते हवाई किरायों पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने किराया नियंत्रण से जुड़े नए नियम 2 सप्ताह में पेश करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने निजी एयरलाइन्स के हवाई किरायों में मनमानी बढ़ोतरी पर अहम रुख अपनाया है. कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह हवाई किराए पर नियंत्रण के लिए तैयार किए गए नए नियमों की कॉपी 2 सप्ताह के भीतर उसके सामने पेश करे. मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी
एस लक्ष्मीनारायणन नाम के याचिकाकर्ता ने बेलगाम हवाई किरायों और यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क वसूली का मामला कोर्ट में रखा है. याचिका में कहा गया है कि एयरलाइंस कंपनियां अपनी मर्ज़ी से किराया तय कर रही हैं. अक्सर किराया काफी महंगा होता है. लोगों को इसका कारण पता नहीं चल पाता. टिकट की कीमत को लेकर स्पष्ट नियम होने चाहिए. याचिका में किराए की अधिकतम सीमा तय करने, यात्रियों के मुफ्त चेक इन सामान का वजन दोबारा 25 किलोग्राम करने जैसी मांगें भी की गई हैं.
ये भी पढ़ें: 'ये है प्रेम पत्र', BJP के मानहानि केस की चेतावनी पर अब्दुल्ला का तंज, J&K सरकार गिराने की कोशिश का दावा
सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में क्या कहा था?
15 मई को हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने त्योहारों और छुट्टियों के दौरान किरायों में 300 से 500 प्रतिशत तक के उछाल को यात्रियों का शोषण करार दिया था. कोर्ट ने केंद्र और डीजीसीए से इस पर विचार के लिए कहा था. उस दिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि 'भारतीय वायुयान कानून, 2024' लागू हो चुका है. उसके आधार पर नए नियम बनाए जा रहे हैं. सोमवार 13 जुलाई को हुई सुनवाई में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस बारे में ड्राफ्ट नियम तैयार कर लिए गए हैं. उन्हें 30 दिनों के भीतर संसद के सामने रखा जाएगा. इस पर जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि नए नियम कोर्ट में भी सीलबंद लिफाफे में पेश किए जाएं. उन्हें संसद में रखे जाने का इंतजार करना जरूरी नहीं है.
ये भी पढ़ें: Exclusive: एथेनॉल पेट्रोल की माइलेज, शिकायतें और गाड़ी को नुकसान…, एबीपी न्यूज़ पर खुद गडकरी ने बताई पूरी सच्चाई



















