एक्सप्लोरर

'पुजारियों के चक्कर में मत पड़िए, वे कितना...', मंदिरों के सेवादारों और कर्मचारियों के लिए वेतन की मांग कर रहे याचिकाकर्ता से क्यों ऐसा बोला SC?

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय से कहा कि वह पुजारियों के मामलों में हस्तक्षेप न करें क्योंकि हो सकता है कि उन्हें मंदिरों के पुजारियों और सेवादारों की कमाई के बारे में जानकारी न हो.

सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों के पुजारियों और कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और दूसरी सुविधाएं देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से मना कर दिया है. सोमवार (18 मई, 2026) को याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने याचिका वापस ले ली. सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता से हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, 'मंदिर के पुजारी के चक्कर में मत पड़िए. आपको पता है कि वह कितना पैसा कमाते हैं?'

याचिका में सरकार नियंत्रित मंदिरों के पुजारियों, सेवादारों और अन्य कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन और अन्य लाभों की समीक्षा के लिए न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति बनाने का अनुरोध किया गया था. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका पर विचार नहीं कर सकती है और पीड़ित व्यक्ति सीधे अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय से कहा कि वह पुजारियों के मामलों में हस्तक्षेप न करें क्योंकि हो सकता है कि उन्हें मंदिरों के पुजारियों और सेवादारों की कमाई के बारे में जानकारी न हो. अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट और अन्य हाईकोर्ट्स के ऐसे फैसले हैं जिनमें सरकार-नियंत्रित मंदिरों के पुजारियों के वेतन की समीक्षा करने की बात कही गई है ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन जी सकें.

बेंच ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और अश्विनी उपाध्याय को याचिका वापस लेने की अनुमति दी, साथ ही उन्हें कानून के तहत उपलब्ध उपाय अपनाने की स्वतंत्रता भी दी. वकील अश्वनी दुबे के माध्यम से दायर याचिका में केंद्र और राज्यों को सरकार नियंत्रित मंदिरों में पुजारियों और मंदिर कर्मचारियों को दिए जाने वाले पारिश्रमिक और अन्य लाभों की समीक्षा के लिए एक न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया था.

यह भी पढ़ें:- 'बेल नियम, जेल अपवाद', उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं दिए जाने से SC नाराज, अपने ही फैसले पर जताई असहमति

इस याचिका की पृष्ठभूमि कैसे तैयार हुई इसके बारे में जानकारी देते हुए अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि चार अप्रैल को जब वह एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए वाराणसी गए थे, तब राज्य सरकार नियंत्रित काशी विश्वनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक करने के बाद उन्हें पता चला कि पुजारियों और मंदिर के कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन यापन के लिए न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जाता है.

याचिका में कहा गया, 'हाल में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पुजारियों और मंदिर कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया. पुजारियों और मंदिर कर्मचारियों को सरकार की ओर से अकुशल और अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा है. यह एक व्यवस्थित शोषण है. राज्य बंदोबस्ती विभाग के माध्यम से एक आदर्श नियोक्ता के रूप में कार्य कर रहा है, लेकिन न्यूनतम मजदूरी अधिनियम और राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों (अनुच्छेद 43) का उल्लंघन कर रहा है.'

यह भी पढ़ें:- नीट पेपर लीक कांड: महाराष्ट्र के एक कोचिंग का मालिक CBI के शिकंजे में, जानें कैसा पकड़ा गया

याचिका में कहा गया है कि 2026 के मुद्रास्फीति-समायोजित जीवन यापन लागत सूचकांक के अनुरूप न्यूनतम वेतन देने से लगातार इनकार करने के कारण याचिकाकर्ता को पुजारियों और मंदिर कर्मचारियों के और अधिक 'हाशिए पर धकेले जाने' को रोकने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

 

(निपुण सहगल के इनपुट के साथ)

Input By : PTI
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

'दिल में मदीना, आंख में काबा, इंशा अल्लाह समाजवादी पार्टी को...', TMC और अखिलेश पर जमकर बरसे ओवैसी
'दिल में मदीना, आंख में काबा, इंशा अल्लाह समाजवादी पार्टी को...', TMC और अखिलेश पर जमकर बरसे ओवैसी
Weather Today Update: 'आंधी संग झमाझम बारिश...', 13 राज्यों में IMD का अलर्ट, यूपी-बिहार, दिल्ली में भीषण गर्मी से मिलेगी राहत!
'आंधी संग झमाझम बारिश...', 13 राज्यों में IMD का अलर्ट, यूपी-बिहार, दिल्ली में भीषण गर्मी से मिलेगी राहत!
भारत-फ्रांस के बीच हो गई बड़ी डील! 5 साल में दोगुना होगा व्यापार, राफेल से परमाणु ऊर्जा तक... बने नए रास्ते
भारत-फ्रांस के बीच हो गई बड़ी डील! 5 साल में दोगुना होगा व्यापार, राफेल से परमाणु ऊर्जा तक... बने नए रास्ते
बागी TMC सांसदों के NCPI में विलय पर बोले दिलीप घोष- नया दल बनाने से इनकी बातों को नहीं भूलेंगे लोग
बागी TMC सांसदों के NCPI में विलय पर बोले दिलीप घोष- नया दल बनाने से इनकी बातों को नहीं भूलेंगे लोग
Advertisement

वीडियोज

Crude Price Crash: US-Iran डील से सस्ता हुआ कच्चा तेल | War | Middle East Crisis | Hormuz | Trump
Sansani: सपना का फैमिली संग्राम !| Crime News | Sapna Chaudhary
US-Iran Deal | Seedha Sawal: US की गुंडागर्दी...भारत की चुप्पी पर छिड़ी तगड़ी बहस! | Donald Trump
Bengal TMC Crisis | Mamata Banerjee: TMC के 20 बाग़ियों का NDA मिलन! | Sudip | Sayoni Ghosh
Morena Rail Accident: दूसरे ट्रैक पर खड़े यात्रियों को ट्रेन ने कुचला, वीडियो सामने आया | Accident
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Weather Today Update: 'आंधी संग झमाझम बारिश...', 13 राज्यों में IMD का अलर्ट, यूपी-बिहार, दिल्ली में भीषण गर्मी से मिलेगी राहत!
'आंधी संग झमाझम बारिश...', 13 राज्यों में IMD का अलर्ट, यूपी-बिहार, दिल्ली में भीषण गर्मी से मिलेगी राहत!
कांग्रेस नहीं, NDA में शामिल होंगे शरद पवार? रामदास अठावले ने दिया ऑफर, बोले- 'अगर चाहें तो...'
कांग्रेस नहीं, NDA में शामिल होंगे शरद पवार? रामदास अठावले ने दिया ऑफर, बोले- 'अगर चाहें तो...'
2027 में यूपी में किसके साथ गठबंधन करेंगे ओवैसी? फेंक दिया तुरुप का इक्का, अखिलेश का क्यों लिया नाम
2027 में यूपी में किसके साथ गठबंधन करेंगे ओवैसी? फेंक दिया तुरुप का इक्का, अखिलेश का क्यों लिया नाम
BAN vs AUS: बाइक जीतकर भी अपने पास नहीं रखी, कूपर कोनोली ने लिट्टन दास को क्यों दे दिया इनाम?
BAN vs AUS: बाइक जीतकर भी अपने पास नहीं रखी, कूपर कोनोली ने लिट्टन दास को क्यों दे दिया इनाम?
Bharat Bhhagya Viddhaata BO Day 3: 'भारत भाग्य विधाता' की कमाई में संडे को आई तेजी, क्या वसूल पाएगी 45 करोड़ की लागत?
'भारत भाग्य विधाता' की कमाई में संडे को आई तेजी, क्या वसूल पाएगी 45 करोड़ की लागत?
भारत-फ्रांस के बीच हो गई बड़ी डील! 5 साल में दोगुना होगा व्यापार, राफेल से परमाणु ऊर्जा तक... बने नए रास्ते
भारत-फ्रांस के बीच हो गई बड़ी डील! 5 साल में दोगुना होगा व्यापार, राफेल से परमाणु ऊर्जा तक... बने नए रास्ते
Video: 27,000 में गुरुग्राम में शानदार जिंदगी! 25 साल की लड़की का बजट प्लान देख हैरान रह गए यूजर्स
27,000 में गुरुग्राम में शानदार जिंदगी! 25 साल की लड़की का बजट प्लान देख हैरान रह गए यूजर्स
Tata Tiago vs Maruti Swift: बजट और माइलेज में कौन सी कार बेस्ट, छोटी फैमिली के लिए क्या है बेहतर विकल्प?
बजट और माइलेज में कौन सी कार बेस्ट, छोटी फैमिली के लिए क्या है बेहतर विकल्प?
Embed widget