सुप्रीम कोर्ट पहुंचा असम CM का शूटिंग वीडियो विवाद, हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ दायर की गई PIL
Assam CM Shooting Video Controversy: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा मुस्लिम-विरोधी बयानों को लेकर विवादों में घिरे रहते हैं. अब CM हिमंत खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है.

सुप्रीम कोर्ट में उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर एक जनहित याचिका दायर हुई है. उन पर नफरत भड़काने वाले गैर-जिम्मेदाराना बयान देने के आरोप हैं. याचिकाकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, अन्य वरिष्ठ मंत्रियों और राज्यपालों के मुस्लिम-विरोधी बयानों का जिक्र किया है. इन्हें उच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों की तरफ से संवैधानिक जिम्मेदारी के उल्लंघन का उदाहरण बताया है.
12 लोगों ने असम CM के खिलाफ दायर की याचिका
इस जनहित याचिका को पूर्व उप राज्यपाल नजीब जंग, सामाजिक कार्यकर्ता रूप रेखा वर्मा और जॉन दयाल समेत 12 लोग शामिल हैं. याचिकाकर्ताओं ने अदालत में इस गंभीर मुद्दे पर दखल देने की मांग की है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री सरमा, वरिष्ठ मंत्री और राज्यपाल लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जो मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाते हैं.
ओवैसी ने हैदराबाद में FIR दर्ज कराई
हैदराबाद के सांसद और AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, 'दुर्भाग्य से नरसंहार वाले नफरती भाषण फैलाना आम बात बन गई है.' ओवैसी ने मांग की है कि कानून के तहत असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर से गुजारिश की है कि नफरती भाषण फैलाने वालों पर लगाम लगाई जाए.
बवाल के बाद बीजेपी ने वीडियो डिलीट किया
कांग्रेस ने 8 फरवरी 2026 को दावा किया कि असम बीजेपी X हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया जिसमें हिमंत बिस्वा सरमा मुसलमानों को गोली मारते दिख रहे हैं. कांग्रेस ने कहा कि ये वीडियो अल्पसंख्यकों की टार्गेटेड पॉइंट-ब्लैंक हत्या को बढ़ावा देने जैसा है. कांग्रेस का दावा है कि वीडियो डिलीट कर दिया गया है.
पहले भी मुसलमानों के खिलाफ दिए नफरती भाषण
असम के CM सरमा अक्सर मुसलमानों के खिलाफ बयान देते रहते हैं. उन्होंने 27 जनवरी को कहा था कि राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में 4 से 5 लाख मियां मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे. उन्होंने कहा था कि हिमंत बिस्व सरमा और बीजेपी सीधे तौर पर मियां समुदाय के खिलाफ है. उन्होंने लोगों से मियां समुदाय को परेशान करने की अपील की. सरमा का कहना था कि जब तक उन्हें परेशानी नहीं होगी, वे असम नहीं छोड़ेंगे.
Source: IOCL


























