नई दिल्ली: जमा करने के कड़े नियम, ईपीएफ दर में कटौती को दोहरा सर्जिकल स्ट्राइक करार देते हुए कांग्रेस ने मांग की कि मोदी सरकार बैन किए गए नोटों में 5 हजार रूपये से अधिक की नकदी जमा पर कड़ी पाबंदी को वापस ले. साथ ही कांग्रेस ने 2016-17 के लिए ईपीएफओ ब्याज दरों को कम करने को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘ मोदी सरकार ने आम आदमी को दोहरा सर्जिकल हमला किया है. इन्होंने ईपीएफ पर बचत दर को 8.8 प्रतिशत से घटाकर 8.65 प्रतिशत कर दिया. नोटबंदी और दूसरी तरफ ईपीएफ ब्याज दरों में कटौती के जरिये सरकार ने आम लोगों को नुकसान पहुंचाया है. ’’

सुरजेवाला ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने बैंकों को पुलिस थाने के रूप में परिवर्तित करने का प्रयास किया है और उनसे 5 हजार रूपये से अधिक जमा करने वालों की छानबीन करने को कहा. उन्होंने कहा कि बैंक लोगों की सेवा के लिए होते हैं और वे पुलिस स्टेशन नहीं होते हें.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि नये नियम के जरिये सरकार ने आम लोगों के समक्ष एक और परेशानी खड़ी कर दी है. उन्होंने दावा किया कि नोटबंदी से जुड़े नियम 125 बार बदले गए. डिजिटल अर्थव्यवस्था को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि जिस ई वालेट कंपनी को मोदी सरकार से मंजूरी मिली है, उसे आम लोगों की कीमत पर नोटबंदी का फायदा मिल रहा है.

सुरजेवाला ने कहा कि मोदी का मकसद साफ है कि गरीबों से पैसा लो और धनी लोगों को दे दो . मोदी जी कैसलेश अर्थव्यवस्था की बात करते हैं और हमारे एटीएम कैशलेस हो गए हैं. कांग्रेस प्रवक्ता ने 20160-17 के लिए ईपीएफओ ब्याज दरों को कम करने को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा.