समाजवादी पार्टी के महासचिव और वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने की बजाए और बढ़ती जा रही हैं. हाईकोर्ट से रिहाई का रास्ता साफ होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और पेच फंसा दिया है. ED की ओर से अजीमनगर थाने में दर्ज कराई गई भ्रष्टाचार की एफआईआर में पुलिस आजम खान को रिमांड पर लेना चाहती है.
कोर्ट में इसके लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी. कोर्ट ने आजम खान को सोमवार को तलब किया है. हाईकोर्ट से जमानत मिलते ही आजम खां की तरफ से जेल से निकलने के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. अगर रिमांड मिली तो जेल से निकलना मुश्किल हो जाएगा.
40 मुकदमों की जांच करेगी EDइस बीच आजम खान और उनके करीबियों के खिलाफ दर्ज करीब 40 और मुकदमों की जांच ED करेगी. इनके अलावा शत्रु संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जे और पीड़ित परिवारों के उत्पीड़न से जुड़े मामलों की भी जांच होगी. केंद्रीय जांच एजेंसी आजम खान और उनके करीबियों की निजी संपत्तियों की भी पड़ताल करेगी.
जौहर ट्रस्ट को लेकर क्या है मामलाईडी को आजम खान के जौहर ट्रस्ट के चंदे की करोड़ों रुपये की रकम रियल एस्टेट में निवेश किए जाने की आशंका है. जौहर यूनिवर्सिटी की 1170 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही अस्थायी रूप से ईडी द्वारा जब्त की जा चुकी है. इनके अलावा मेरठ के 2 शैक्षणिक संस्थानों से मिले 6.24 करोड़ रुपये के चंदे को लेकर भी जांच जारी है. ईडी जल्द ही कुछ और संपत्तियां जब्त करने की तैयारी में है.
बता दें कि ईडी ने 13 अक्तूबर को अजीमनगर थाने में आजम खान और उनके जौहर ट्रस्ट समेत 5 लोगों के खिलाफ विश्वविद्यालय निर्माण में सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. सीओ टांडा पंकज पंत ने गुरुवार को कोर्ट में इस प्रकरण का हवाला देते हुए आजम खान के खिलाफ रिमांड वारंट जारी करने की अपील की.
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