दक्षिण कश्मीर के किश्तवाड रेंज में भारतीय सेना के दो (02) पैरा-एसएफ कमांडो के रहस्यमय परिस्थितियों में गायब होने से हड़कंप मच गया है. ये दोनों कमांडो अपने साथियों के साथ एक ऑपरेशन के लिए कोकरनाग (अनंतनाग जिला) के घने जंगलों में गए थे. उसी दौरान बर्फीला तूफान आने के बाद से दोनों कमांडो लापता हैं.

जानकारी के मुताबिक, 5 पैरा (यूनिट) की एक टीम मंगलवार (07 अक्टूबर, 2025) को कोकरनाग के जंगलों में आतंकियों की तलाश में गई थी. जानकारी के मुताबिक, इसी दौरान एक कमांडो की तबीयत अचानक खराब हो गई. ऐसे में बीमार कमांडो को उसके साथी के साथ छोड़कर पूरी टीम पहाड़ की ऊंचाई पर निकल गई. 

कमांडो की तलाश के लिए ऑपरेशन जारी

इसी दौरान मौसम खराब हो गया और टीम वापस यूनिट में लौट आई, लेकिन दोनों कमांडो नहीं लौटे. ऐसे में बुधवार (08 अक्टूबर, 2025) को सुबह से दोनों कमांडो की तलाश में सघन ऑपरेशन जारी किया गया है. 

भारतीय सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर (15वीं कोर) के मुताबिक, ये घटना दक्षिणी कश्मीर की किश्तवाड रेंज में हुई है. बर्फीला तूफान आने के बाद से दोनों सैनिकों से कम्युनिकेशन नहीं हो पाया है. सेना के मुताबिक, खराब मौसम के कारण सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में भी बाधा आ रही है.

2 साल पहले 3 अधिकारी हुए थे शहीद इस बीच कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों ने सोशल मीडिया पर कोकरनाग को लेकर कुछ आपत्तिजनक जानकारी साझा की है. इसके बाद से पैरा कमांडो को लेकर चिंता बढ़ गई है. कोकरनाग वही इलाका है जहां साल 2023 में एक एनकाउंटर के दौरान सेना के एक कर्नल रैंक के कमांडिंग ऑफिसर, मेजर और जम्मू कश्मीर पुलिस के डीएसपी वीरगति को प्राप्त हो गए थे. एनकाउंटर के दौरान आतंकी एक गुफा में छिपे हुए थे.

 

इसी बीच श्रीनगर स्थित सेना की चिनार कोर (15वीं कोर) ने 'एक्स' पर एक सूबेदार रैंक के जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) के निधन के खबर की जानकारी साझा करते हुए दु:ख जताया है. वीरगति को प्राप्त हुए सूबेदार शैलेंद्र सिंह चौहान के निधन का कारण कोकरनाग एनकाउंटर से जुड़ा नहीं है.

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