सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों के जश्न मनाने वाले वायरल वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि किसी भी जीत के बाद विनम्रता बनाए रखना बहुत जरूरी होता है. वांगचुक ने समर्थकों से अपील की कि वे अपनी सफलता का जश्न गरिमा, जिम्मेदारी और संयम के साथ मनाएं.

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सोनम वांगचुक ने कहा कि सफलता हासिल करना जरूरी है, लेकिन उसके बाद सम्मान और विनम्रता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर CJP नेताओं के जश्न मनाने वाले वीडियो को लेकर काफी बहस चल रही है. इन वीडियो में पार्टी के कुछ खास सदस्य धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नाचते और खुशी मनाते दिखाई दिए थे.

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सोनम वांगचुक का रिएक्शन

सोनम वांगचुक हाल के दिनों में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे थे. उन्होंने छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू की थी. बाद में पुलिस ने उन्हें जबरन एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था. वांगचुक ने 23 जुलाई को अपना 26 दिनों की भूख हड़ताल खत्म की. उन्होंने भूख हड़ताल तब खत्म की, जब सरकार ने यह भरोसा दिया कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और NEET पेपर लीक मामले के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा.

सोशल मीडिया यूजर्स का रिएक्शन

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के जश्न वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए. इन वीडियो के सामने आने के बाद पार्टी को कई तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. आंदोलन के समर्थकों और विरोधियों दोनों ने जश्न मनाने के तरीके और समय पर सवाल उठाए. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि यह जश्न संवेदनशील नहीं था, क्योंकि यह पूरा आंदोलन NEET-UG पेपर लीक और उससे जुड़े छात्रों की परेशानियों के कारण शुरू हुआ था.

CJP के प्रवक्ता सौरव दास का बयान

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने पार्टी का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में युवाओं का उत्साह और ऊर्जा दिखाई देती है. सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उनकी जनरेशन अलग तरह से सोचती और अपनी बात रखती है. उन्होंने कहा कि युवा सड़क पर बैठकर भी आंदोलन कर सकते हैं, नाचते हुए भी अपनी बात रख सकते हैं और कॉफी पीते हुए भी संगठन चला सकते हैं.

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