धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को खत्म करने का ऐलान किया है. इसे लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि हमें शिक्षा में सुधार और इस क्षेत्र में और काम हो इसकी उम्मीद है. उन्होंने कहा, 'जो कदम सरकार ने और धर्मेंद्र प्रधान ने उठाया है, मैं उसका स्वागत करता हूं और सम्मान करता हूं. मैं सभी देशवासियों को बधाई देता हूं. ये लोकतंत्र की जीत है. आगे भी हम लोकतंत्र को भारत में सुरक्षित रखेंगे.'
उन्होंने कहा, 'देश की युवा पीढ़ी को मैं बधाई देना चाहता हूं और CJP के भाई-बहनों को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने ये मुद्दा सबसे पहले उठाया. जो छात्र-युवक और बड़े-बूढ़े लोकतंत्र के लिए खड़े हुए, मैं उन सबका सम्मान करता हूं. सबसे बड़ी बात जैसे इन लोगों ने शांति को प्रदर्शन स्थल पर बनाए रखा. मुझे उम्मीद है कि आगे भी इस शांति व्यवस्था को बनाए रखा जाएगा और आगे कोई घटना नहीं होगी. शांति की जो ताकत हमने दिखाई है, उसके मुकाबले कोई हथियार नहीं है.'
उन्होंने कहा, 'विजय में विनम्रता सबसे बड़ी बात है और वही आपके चरित्र को परिभाषित करता है. एक तरफ जवाबदेही मिली है तो अब सुधार करने की आवश्यकता है. शिक्षा में सुधार होगा, आगे भी इस पर काम होगा, मुझे उम्मीद है... मेरी आशा है कि एक नए भारत की शुरूआत होगी. मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार इस बदलाव के साथ बहुत से बदलाव लाएगी.' सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है और प्रदर्शनकारियों से अपने घरों को लौटने की अपील की है.
सीजेपी के डेलीगेशन से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, 'आज हमारी लंबी बातचीत हुई. वे एक लिखा हुआ ड्राफ्ट लाए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन में चल रहे केस के बारे में 4 पॉइंट्स रखे थे. इसके साथ ही, हमने बाकी 2 मांगों पर भी बात की. कोई बदले की कार्रवाई न की जाए, मुआवजा दिया जाए और उनके 5 पॉइंट वाले चार्टर पर विचार किया जाए. हम उन्हें FIR की कॉपी देंगे और कोई कार्रवाई नहीं होगी. दूसरी बात जो कही गई है, वह यह है कि मुआवजे के बारे में, सरकार ने साफ कहा है कि हमें भी सहानुभूति है. हम सभी ने कहा है कि नियम और कानून के हिसाब से मुआवजा होगा, जो भी ज़्यादा से ज़्यादा हो सकेगा, उन्हें दिया जाएगा.'
