मशहूर शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है. उनका कहना है कि भूख हड़ताल खत्म करने के बाद अब सरकार से जवाबदेही मांगी जाएगी. उन्होंने शुक्रवार (24 जुलाई) को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर सिलसिलेवार ढंग से अपनी बात रखी.

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उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने आए थे. इसके अलावा उससे पहले कई पार्टियों के मिलाकर 65 सांसदों ने हमसे मिलकर और कागज पर साइन कर हमसे अनशन तोड़ने की अपील की थी. सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने (करीब 65 सांसदों) ने हमसे कहा है कि वो नीट पेपर लीक केस और एजुकेशन सिस्टम समेत तमाम मुद्दों को संसद में उठाएंगे. उन पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी.   

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सोनम वागंचुक ने बताया कि मोदी सरकार के मंत्रियों ने आश्वासन दिया है कि 20 मार्च को संसद चलो मार्च के दौरान जिन लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया था, उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी. साथ ही ये भी बताया कि नीट पेपर लीक और शिक्षा में सुधार समेत तमाम मुद्दों को लेकर सरकार गंभीर है सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि हाल ही में NEET परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा.

सफदरजंग से मेदांता किया गया शिफ्टबता दें कि सोनम वांगचुक को पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया था. उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कोर्ट से मांग की थी कि वांगचुक को इलाज के लिए मेदांता भेजा जाए. दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की लगातार निगरानी जरूरी है.

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