नई दिल्ली: लालू यादव के बेटे और नीतीश सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव पर मिट्टी घोटाले का आरोप लगा है. आरोप है कि तेज प्रताप यादव ने अपनी ही जमीन की मिट्टी पटना चिड़िया घर को नब्बे लाख रुपये में बेच दी. पटना चिड़िया घर वन विभाग के अंदर आता है जिसके मंत्री तेज प्रताप यादव हैं. मिट्टी के सोना उगलने की कहावत आपने सुनी होगी लेकिन आज उस कहावत को चरितार्थ करती राजनीतिक तस्वीर भी देख लीजिए. आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बेटे तेज प्रताप ने अपनी ही जमीन की मिट्ठी अपनी ही सरकार को बेच कर उसे सोना बना लिया है. बीजेपी नेता सुशील मोदी ने आरोप लगाया है कि लालू कुनबा ने पटना के बेली रोड में बन रहे मॉल के ज़मीन की मिट्टी को पटना ज़ू में खपाया गया. सुशील मोदी ने मिट्टी घपला का आरोप लगाया है. मामला पटना के संजय गांधी राष्ठ्रीय जैविक उद्यान से जुड़ा है. आरोप है कि इस मिट्टी को पटना में ही बन रहे निर्माणाधीन मॉल की जमीन से लाया गया है. इस जमीन में लालू के परिवार की हिस्सेदारी है. और अब बेटे पर अपनी जमीन से निकली मिट्टी, बिना टेंडर के 90 लाख में चिड़ियाघर को बेच देने का आरोप लग रहा है. यानि आम के आम.. गुठलियों के दाम. आपको बता दें पटना में बिहार का सबसे बड़ा मॉल बन रहा है. मॉल को delight Marketing Company PVT. LTD नाम की कंपनी बना रही है. साल 2014 में तेजस्वी और तेज प्रताप इस कंपनी के निदेशक बनाए गए. इसके निर्माण का काम Meridian Construction (India) LTD. नाम की कंपनी कर ही है. जिसके मालिक आरजेडी के ही विधायक सैयद अबु दौजाना हैं. विवाद बढ़ने पर एबीपी न्यूज ने इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राय जाननी चाही तो सीएम साहेब अनजान बन गए. नीतीश कुमार भले ही अनजान बनें लेकिन बीजेपी नेता सुशील मोदी ने उनसे लालू के दोनों को बर्खास्त करने की मांग की है.