Skyroot Vikram-1 Launch: भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट कल अंतरिक्ष में अपनी ऐतिहासिक उड़ान भरेगा. यह एक ऑर्बिटल क्लास रॉकेट है. इसका नाम विक्रम-1 है. इसे स्काइरूट एयरोस्पेस ने बनाया है. शनिवार सुबह 11:30 बजे अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरेगा.
स्काईरूट एयरोस्पेस की तरफ से बयान जारी किया गया है. इसमें उन्होंने कहा है कि विक्रम 1 टेस्ट फ्लाइट-1 पर ले जाए जा रहे पेलोड में एक बहुत ही खास चीज है. पीएम मोदी का हाथ से लिखा पोस्टकार्ड जिसपर वंदे मातरम लिखा है. हाथ से लिखे इस कार्ड पर पीएम नरेंद्र मोदी के साइन हैं. उनकी अपनी लिखावट में 26.06.26 तारीख लिखी है.
जानी मानी हस्तियों ने भी लिखे पोस्टकार्ड, कंपनी के फाउंडर ने क्या बताया?
पीएम मोदी के खास मैसेज के अलावा अंतरिक्ष में एक्सपर्ट्स और जानी मानी हस्तियों की तरफ से लिखे गए पोस्टकार्ड दिखाते हुए स्काईरूट एयरोस्पेस के फाउंडर और सीईओ पवन कुमार चंदाना ने कहा है कि पीएम का हाथ से लिखा पोस्टकार्ड पढ़कर मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं. यह हमारी टीम, इन्वेस्टर्स, पॉलिसी मेकर्स और दुनियाभर के शुभचिंतकों केहाथ से लिखे संदेशों के साथ अंतरिक्ष में जाएगा.
इस वीडियो में कैबिनेट मंत्री जितेंद्र सिंह, पीयूष गोयल, इसरो के चेयरमैन वी नारायणन, इसरो के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ और भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को स्काईरूट के मिशन की सफलता के लिए खास संदेश लिखते हुए देखा जा सकता है.
इस कंपनी ने 160 मिलियन डॉलर जुटाए
स्काईरूट एयरोस्पेस ने कुल 160 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. साथ ही 1.1 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन के साथ भारत की पहली स्पेस टेक यूनिकॉर्न बन गई है. इस कंपनी में सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड जीआईसी, सिंगापुर के सरकारी इन्वेस्टर्स टेमासेक होल्डिंग्स, गूगल के शुरुआती इन्वेस्टर्स शेरपालो वेंचर्स, और ग्लोबल एसेज मैनेजर ब्लैकरॉक शामिल हैं.
इनके अलावा अरकम वेंचर्स, सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया, प्लेबुक पार्टनर्स और सांघवी फैमिली ऑफिस शामिल हैं. इनके अलावा मिंत्रा/क्योरकिट के फाउंडर मुकेश बंसल भी शामिल हैं.
इस लॉन्चिंग के साथ मजबूत होगा भारत का स्पेस सेक्टर
इस रॉकेट को श्रीहरिकोटा के ऐतिहासिक पहले लॉन्चपैड से होने वाले इस लॉन्च में विक्रम-1, ग्राहा स्पेस, कॉस्मोसर्व स्कोप, साथ ही कॉसमॉस डायमंड्स का आर्टवर्क कॉस्मिक ब्लूम और एक माइक्रो आर्ट पीस, 18K सोने के रॉकेट वाले इस माइक्रो-आर्ट में सर सी.वी. रमन, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की माइक्रो-मूर्तियां अंतरिक्ष में भेजी जाएंगी.
अगर लॉन्च सफल होता है, तो इससे भारतीय स्पेस सेक्टर को लो अर्थ ऑर्बिट में सैटेलाइट लॉन्च करने के लिए ISRO के रॉकेट के अलावा एक और अन्य ऑप्शन मिलेगा.
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