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Explained: अगर घर पर ताला लगा और BLO से नहीं मिले, तो कैसे होगा SIR? जानें 7 जरूरी सवालों के आसान जवाब

SIR Begins: 19.79 करोड़ मतदाताओं वाले पांच राज्यों में 3.94 लाख BLO 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाकर हर मतदाता की जानकारी चेक करेंगे. अगर आपका घर बंद है और BLO नहीं मिल पाता, तो फिक्र नहीं करें.

30 जून 2026 से देश के पांच राज्यों दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड और मेघालय में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू हो गया है. करीब 24 साल में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट की सफाई की जा रही है. इन पांच राज्यों में   करीब 19.79 करोड़ मतदाता हैं. इस अभियान के तहत 3.94 लाख से ज्यादा बूथ लेवल अफसर (BLO) घर-घर जाकर हर मतदाता की डिटेल्स चेक करेंगे. लेकिन अगर घर पर ताला लगा है और BLO से मुलाकात नहीं हो पाई, तो क्या होगा. कैसे होगा आपका SIR...

सवाल 1: किन-किन राज्यों में चल रहा है SIR और कितने मतदाता हैं?

जवाब: SIR कुल मिलाकर 5 राज्यों में हो रहा है. इनमें कुल 19.79 करोड़ मतदाता हैं. दिल्ली में 13,000 से ज्यादा BLO 70 विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाएंगे:

राज्य मतदाताओं की संख्या (लगभग)
दिल्ली 1.45 करोड़
महाराष्ट्र 9.86 करोड़
कर्नाटक 5.55 करोड़
झारखंड 2.64 करोड़
मेघालय 23 लाख

सवाल 2: BLO कब आपके घर आएंगे और क्या करेंगे?

जवाब: BLO 30 जून से 29 जुलाई के बीच घर-घर जाएंगे. वे सुबह जल्दी और शाम के समय, शनिवार-रविवार को घरों का दौरा करेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकें.

BLO आपको दो कॉपी में पहले से भरा हुआ एन्युमरेशन फॉर्म देंगे. इस फॉर्म पर आपकी मौजूदा वोटर डिटेल, फोटो, QR कोड और BLO का नाम और मोबाइल नंबर पहले से छपा होगा. आपको यह करना है:

  • फॉर्म पर दी गई डिटेल्स चेक करनी है.
  • जहां जरूरत हो, वहां अपडेट करना है.
  • अपने नाम की जगह साइन करना है.
  • एक कॉपी BLO को वापस देनी है.
  • दूसरी कॉपी अपने पास पावती के तौर पर रखनी है.

बहुत जरूरी बात: दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ किया है कि एन्युमरेशन फॉर्म के साथ कोई दस्तावेज जमा नहीं करना है.

सवाल 3: अगर घर पर ताला है और BLO नहीं मिले तो क्या होगा?

जवाब: यह सबसे आम सवाल है और चुनाव आयोग ने इसका साफ जवाब दिया है:

  • BLO फॉर्म छोड़कर जाएगा: अगर आपका घर बंद है, तो BLO एन्युमरेशन फॉर्म आपके दरवाजे पर छोड़ देगा. इसके बाद वह कम से कम तीन बार फॉर्म लेने के लिए आपके घर वापस आएगा.
  • तीनों बार छूट गया तो भी मौका मिलेगा: अगर तीनों बार भी आपका घर बंद मिला, तो भी आपको मौका मिलेगा. 5 अगस्त को ड्राफ्ट (मसौदा) मतदाता सूची जारी होगी. उसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा और आपत्ति दर्ज करने की अवधि होगी. इस दौरान आप अपनी जानकारी ठीक करवा सकते हैं या नया नाम जुड़वा सकते हैं.
  • सुनवाई का मौका: अगर फील्ड वेरिफिकेशन के बाद भी आपकी डिटेल मैप नहीं हो पाती, तो आपको नोटिस दिया जाएगा और सुनवाई का मौका दिया जाएगा. इस दौरान आप दस्तावेज पेश करके अपनी एलिजिब्लिटी साबित कर सकते हैं. सुनवाई 3 अक्टूबर तक चलेगी. आखिरी मतदाता सूची 7 अक्टूबर को जारी होगी.

सवाल 4: अगर BLO नहीं मिला तो ऑनलाइन कैसे भरें फॉर्म?

जवाब: अगर आप BLO का इंतजार नहीं करना चाहते, तो चुनाव आयोग के वोटर पोर्टल पर जाकर एन्युमरेशन फॉर्म ऑनलाइन भर सकते हैं.

फॉर्म भरते वक्त इन बातों का ध्यान रखें:

  • पुरानी SIR डिटेल: फॉर्म भरते वक्त पिछली SIR (2002) से जुड़ी डिटेल देनी होगी. दिल्ली, कर्नाटक और महाराष्ट्र के लिए 2002 की SIR लिस्ट रेफरेंस है, जबकि झारखंड के लिए 2003 और मेघालय के लिए 2005 की लिस्ट चाहिए.
  • पुरानी डिटेल याद नहीं: अगर आपको अपनी पुरानी डिटेल याद नहीं है, तो आप अपने EPIC (वोटर ID) नंबर, अपने नाम और अन्य डिटेल या अपने पोलिंग स्टेशन से खोज सकते हैं.
  • 2002 की लिस्ट में नाम नहीं: अगर आपका जन्म 1987 के बाद हुआ है और 2002 की लिस्ट में आपका नाम नहीं था, तो आपको अपने माता-पिता या दादा-दादी का नाम देना होगा जो उस लिस्ट में थे.
  • शादी के बाद: अगर आपकी शादी हो चुकी है और पिछली SIR में आपका नाम नहीं था, तो आपको ससुराल वालों की नहीं, बल्कि अपने माता-पिता या दादा-दादी (पैतृक परिवार) की डिटेल्स देनी है.
  • अगर माता-पिता कभी वोटर नहीं: तो भी आप उनका नाम फॉर्म में दे सकते हैं. बाद में आपसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं.

सवाल 5: किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?

जवाब: एन्युमरेशन फॉर्म के साथ कोई दस्तावेज नहीं देना है, लेकिन अगर आपका या आपके माता-पिता का नाम पिछली मतदाता सूचियों में नहीं है, तो आपको अपनी एलिजिब्लिटी साबित करने के लिए ये दस्तावेज देने होंगे:

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट
  • कक्षा 10वीं या कोई अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी का पहचान पत्र
  • पेंशन कार्ड
  • राज्य सरकार या स्थानीय निकाय द्वारा जारी पारिवारिक रजिस्टर
  • भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र
  • वन अधिकार प्रमाण पत्र
  • राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) में शामिल होने का प्रमाण
  • 1 जुलाई 1987 से पहले बैंक, डाकघर, LIC या किसी सरकारी प्राधिकरण से जारी पहचान पत्र या प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड  

इसके अलावा, हाल ही में ली गई पासपोर्ट साइज़ फोटो भी तैयार रखनी चाहिए.

सवाल 6: अगर फॉर्म जमा नहीं कर पाए तो क्या होगा?

जवाब: अगर आप 29 जुलाई तक फॉर्म जमा नहीं कर पाते, तो 5 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में आपका नाम हटाया जा सकता है. लेकिन आपको 5 अगस्त से 4 सितंबर के बीच दावा या आपत्ति दर्ज करने का मौका मिलेगा.

सवाल 7: SIR क्या है और क्यों किया जा रहा है?

जवाब: SIR चुनाव आयोग का एक विशेष अभियान है जिसका मकसद मतदाता सूची को साफ-सुथरा करना है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है, 'संविधान चुनाव आयोग को मतदाता सूची तैयार करने का अधिकार देता है और SIR इसकी जिम्मेदारी है.' इस अभियान के जरिए मृतकों के नाम, डुप्लिकेट एंट्री और दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम को हटाया जाएगा. साथ ही नए मतदाताओं को जोड़ा जाएगा.

बीते 24 साल में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट की सफाई हो रही है. SIR का तीसरा फेज 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहा है. पिछले फेज में 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 50.99 करोड़ की वोटर आबादी घटकर 45.81 करोड़ रह गई थी. 5.18 करोड़ (10.2%) नाम काटे गए थे. इसी वजह से यह अभियान विवादों में भी घिरा रहा है. विपक्षी दलों ने धड़ाधड़ नाम काटे जाने पर आपत्ति जताई है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस अभियान की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा   है.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें करीब 9 साल का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

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