सिक्किम के नामची में एक बड़ा हादसा हो गया है. सोमवार (20 जुलाई) को निर्माणाधीन टनल के बाहर भूस्खलन होने से करीब 27 मजदूर अंदर फंस गए. ऑल इंडिया रेडियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक,रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही टीम ने अब तक 8 शव बरामद कर लिए हैं. टनल के अंदर मीथेन गैस होने की आशंका के चलते हालात और मुश्किल हो गए हैं. इसी के चलते बचाव अभियान धीमा पड़ गया है. 

नामची जिले के समरदुंग टनल में ये हादसा हुआ. भूस्खलन के बाद टनल का प्रवेश रास्ता मलबे से बंद हो गया. इनमें 21 कर्मचारी पटेल इंजीनियरिंग के बताए जा रहे हैं तो वहीं 6 लोग NHPC से जुड़े बताए गए हैं. हालांकि इनमें से 8 लोगों के शव मिले हैं. टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है.

अधिकारियों ने बताया कि फंसे लोगों की संख्या का सत्यापन अभी जारी है. हालांकि इसमें बदलाव भी हो सकता है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि गैस की वजह से कई बचावकर्मियों को चक्कर आए, जबकि कुछ लोग बेहोश भी हो गए. माना जा रहा है कि भूस्खलन के बाद जमीन और चट्टानों की परतें खिसकने से यह गैस बाहर निकली. इसके अलावा टनल का संकरा रास्ता और कम दृश्यता भी राहत कार्य में रुकावट बन रही है. यही वजह है कि बचाव अभियान बेहद सावधानी के साथ चलाया जा रहा है.

बंगाल से बुलाई गई विशेष रेस्क्यू टीम जिला प्रशासन को दोपहर करीब 3:40 बजे घटना की सूचना मिली. इसके बाद NDRF, SDRF, जिला पुलिस और फायर सर्विस की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया. इसके अलावा बंगाल से भी एक विशेष रेस्क्यू टीम बुलाई गई है. यह टीम गैस से बचाव के लिए विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ पहुंची है. हालात के मद्देनजर एंबुलेंस भी तैनात कर दी गई हैं. 

इस पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन का कहना है कि सबसे पहली प्राथमिकता टनल में फंसे सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है. इसके बाद हादसे की वजह की विस्तार से जांच की जाएगी. बताया गया कि ये टनल तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही है. इसका निर्माण पटेल इंजीनियरिंग NHPC की परियोजना के लिए कर रही है.

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