नई दिल्ली: प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने के बाद से सियासी बयानबाजी जारी है. बीजेपी जहां कांग्रेस पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगा रही है तो वहीं उसकी सहयोगी शिवसेना लागातर तारीफ कर रही है. आज लगातार दूसरे दिन शिवसेना ने प्रियंका गांधी को लेकर सामना में लेख लिखा और उन्हें हुकुम की रानी बताया. पार्टी ने कहा कि प्रियंका गांधी 2019 के लोकसभा चुनाव में असर दिखाएंगी.

शिवसेना ने मुखपत्र सामना में 'हुकुम की रानी!' हेडलाइन के साथ लिखा है, ''प्रियंका गांधी आखिरकार सक्रिय राजनीति में उतर ही गईं. कांग्रेस ने महासचिव पद पर उनकी नियुक्ति की है. आगामी लोकसभा चुनाव में सफलता प्राप्त करने के लिए सबकुछ करने की तैयारी है, ऐसा राहुल गांधी ने इस बहाने दिखा दिया है.''

पार्टी ने कहा, ''राहुल गांधी ने बहुत ही अच्छा दांव चला है. प्रियंका की तोप चली और उनकी सभाओं में भीड़ उमड़ने लगी तो यह महिला इंदिरा गांधी की तरह 'हुकुम की रानी' साबित हो सकती है.''

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शिवसेना ने राहुल गांधी की भी तारीफ की. पार्टी ने कहा, ''राहुल गांधी असफल हुए इसलिए प्रियंका को लाना पड़ा ऐसी अफवाहें उड़ाई जा रही हैं, जिसमें दम नहीं. राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष हैं. ‘राफेल’ जैसे मामले में उन्होंने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. इसे एक बार नजरअंदाज भी कर दें तो तीन महत्वपूर्ण राज्यों में कांग्रेस ने बीजेपी से सत्ता छीन ली और उसके चलते मरणासन्न कांग्रेस को संजीवनी मिली. उसका श्रेय उन्हें न देना, कुंठित प्रवृत्ति की निशानी है.''

उद्धव ठाकरे की पार्टी ने कहा, ''नेहरू-इंदिरा गांधी के बारे में बीजेपी नेतृत्व ने मन में कटुता रखी क्योंकि यही परिवार बीजेपी को चुनौती दे सकता है और 2019 में बहुमत का आंकड़ा प्राप्त करने में मुश्किलें खड़ी कर सकता है, इस बात का भय है.''

शिवसेना ने कहा, ''प्रियंका गांधी, इंदिरा गांधी का हू-ब-हू रूप हैं और उनकी बोल-चाल में इस तरह की झलक दिखाई देती है. इसलिए हिंदीभाषी क्षेत्रों में कांग्रेस को निश्चित ही लाभ होगा. प्रियंका गांधी के राजनीति में आने से रॉबर्ट वाड्रा के दबे हुए मामले तेजी से बाहर आएंगे, इसका भय होने के बावजूद प्रियंका ने मैदान में छलांग लगाई है.''