Kerala CM Oath: वीडी सतीशन के शपथ समारोह में शामिल नहीं होंगे शशि थरूर, जानें क्या है इसके पीछे की वजह?
Kerala CM Oath: केरल में वीडी सतीशन के शपथ समारोह में शशि थरूर शामिल नहीं होंगे. वे उस दौरान बोस्टन के दौरे पर रहेंगे. हालांकि, इन सबके बावजूद केरल की राजनीति में उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है.

केरल में सोमवार (18 मई 2026) को वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. तिरुवनंतपुरम में होने वाले इस बड़े कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. लेकिन इस समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर शामिल नहीं होंगे. उनकी गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए माना जा रहा है कि शशि थरूर की बढ़ती राजनीतिक अहमियत पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. केरल कांग्रेस और राज्य की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार बढ़ता दिख रहा है.
शशि थरूर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर कर शपथ समारोह में शामिल न हो पाने पर अफसोस जताया. उन्होंने बताया कि वह अमेरिका के बोस्टन शहर में होंगे, जहां उन्हें अपने पुराने संस्थान द फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी में ग्रेजुएशन समारोह में भाषण देना है. यह संस्थान टफ्ट्स यूनिवर्सिटी का हिस्सा है. थरूर ने यह भी कहा कि वह अपनी ग्रेजुएट क्लास की 50वीं सालगिरह के रीयूनियन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, 'अमेरिका में बीते हुए समय का जश्न मनाने का मौका है, जबकि मैं केरल में भविष्य की उम्मीद कर रहा हूं.' उनके इस बयान को राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है. कई लोगों का मानना है कि थरूर ने इस पोस्ट के जरिए केरल की राजनीति में अपनी भूमिका और भविष्य की संभावनाओं की ओर इशारा किया है
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कांग्रेस हाईकमान के करीब शशि थरूर
शशि थरूर पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस हाईकमान के और करीब आते दिखाई दिए हैं. राज्य कांग्रेस नेतृत्व के कुछ नेताओं के साथ उनके संबंधों को लेकर चर्चा जरूर रही, लेकिन इसके बावजूद पार्टी के अंदर उनकी लोकप्रियता बनी रही. हाल ही में हुए केरल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान शशि थरूर कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी UDF के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले प्रचारकों में शामिल रहे. राज्य के कई उम्मीदवार चाहते थे कि थरूर उनकी चुनावी सभाओं में पहुंचे, क्योंकि उन्हें लगता था कि थरूर की मौजूदगी से भीड़ और समर्थन दोनों बढ़ता है.
थरूर ने लगातार चुनाव प्रचार किया
केरल के उत्तर से लेकर दक्षिण तक थरूर ने लगातार चुनाव प्रचार किया. उनकी सभाओं में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. खासतौर पर युवा और शहरी वोटरों के बीच उनकी लोकप्रियता साफ नजर आई. उनके भाषणों की शैली भी लोगों को काफी पसंद आई. साफ भाषा, अच्छे तर्क और आत्मविश्वास से भरे उनके भाषणों ने लोगों का ध्यान खींचा. कई जगहों पर लोग लंबे समय तक सिर्फ उन्हें सुनने के लिए इंतजार करते रहे. कांग्रेस पार्टी के भीतर भी अब यह माना जा रहा है कि शशि थरूर की लोकप्रियता केवल तिरुवनंतपुरम तक सीमित नहीं रही. वह अब राज्य स्तर पर कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा बन चुके हैं. पार्टी को उम्मीद है कि उनकी छवि और लोकप्रियता आने वाले समय में कांग्रेस को और मजबूत करने में मदद कर सकती है.
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