एसआईआर को लेकर बढ़ते विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित करने की साजिश का आरोप लगाया. थरूर ने कहा, 'सच कहें तो हमें इसमें एकमात्र साजिश नजर आती है कि किसी तरह भारतीयों को उनके मतदान अधिकार का इस्तेमाल करने से रोका जाए.

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उन्होंने कहा कि इस साजिश का पर्दाफाश करना होगा. सभी भारतीयों को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए.थरूर ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत के दौरान कहा, यह बेहतर होगा अगर मतदान के हकदार नहीं होने वाले कुछ लोग वोटिंग करने में सफल हो जाएं, बजाय इसके कि एक बड़ा तबका अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाए. यह हमारे लोकतंत्र पर एक वास्तविक हमला है.'

क्या बोले शशि थरूर?

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कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह बेहतर होगा यदि मतदान के हकदार न होने वाले मुट्ठी भर लोग मतदान करने में सफल हो जाएं, बजाय इसके कि बड़ी संख्या में योग्य नागरिकों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया जाए. उन्होंने कहा, यह बेहतर है कि पांच या दस लोग, जिन्हें मतदान का अधिकार नहीं है, मतदान कर रहे हैं, बजाय इसके कि करोड़ों लोग, जिन्हें मतदान का अधिकार है, मतदान से वंचित कर दिए जाएं. यह हमारे लोकतंत्र पर एक वास्तविक हमला है.

CWC में मुद्दा उठाने की कही बात

थरूर ने कांग्रेस वर्किंग कमेटि में इस मुद्दे को उठाने की बात कही. उन्होंने कहा, यह मुद्दा गंभीर है और सीडब्ल्यूसी की बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. यह बहुत ही गंभीर मामला है और मंगलवार को कार्यकारी समिति में इस पर बहुत गंभीर चर्चा होगी.

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चुनाव आयोग विवाद के बीच आया बयान

कांग्रेस सांसद का यह बयान चुनाव आयोग में विवाद की रिपोर्ट के बीच आई है. इसमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अहम फैसले उनकी जानकारी के बिना पूरे आयोग के नाम पर लिए गए थे.

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