दिल्ली में रामनाथ गोयनका लेक्चर को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुलामी की मानसिकता का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. इस कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पीएम मोदी के संबोधन की जमकर तारीफ की है. तिरुवनंतपुरम के सांसद ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब सिर्फ एक उभरता हुआ बाजार नहीं, बल्कि दुनिया के लिए एक उभरता हुआ मॉडल है.

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शशि थरूर ने की पीएम मोदी की तारीफ

शशि थरूर ने लिखा, "प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन पर हमेशा चुनावी मूड में रहने का आरोप लगाया जाता रहा है, लेकिन असल में वे लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए भावनात्मक मूड में थे. भाषण का एक अहम हिस्सा मैकाले की 200 साल पुरानी गुलामी मानसिकता की विरासत को पलटने पर केंद्रित था."

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दर्शकों के बीच पीएम को सुन रहे थे थरूर

उन्होंने कहा, "पीएम मोदी ने भारत की विरासत, भाषाओं और शिक्षा व्यवस्था पर गौरव बहाल करने के लिए 10 साल के राष्ट्रीय मिशन की अपील की. काश उन्होंने यह भी स्वीकार किया होता कि कैसे रामनाथ गोयनका ने भारतीय राष्ट्रवाद की आवाज उठाने के लिए अंग्रेजी का इस्तेमाल किया था. कुल मिलाकर प्रधानमंत्री के संबोधन ने एक आर्थिक दृष्टिकोण और एक सांस्कृतिक आह्वान, दोनों का काम किया, जिसमें राष्ट्र को प्रगति के लिए बेचैन रहने का आह्वान किया गया. सर्दी-ज़ुकाम से जूझने के बावजूद दर्शकों के बीच मौजूद रहकर खुशी हुई."

मैकाले का जिक्र कर पीएम मोदी का कांग्रेस पर निशाना

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर थोमस बैबिंगटन मैकाले की सोच को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "मैकाले ने भारत की शिक्षा व्यवस्था की कमर तोड़ने की ठानी और उसमे सफल भी रहा. उसने सुनिश्चित किया कि उस दौर में ब्रिटिश भाषा, ब्रिटिश सोच को ज्यादा मान्यता मिले और उसका खामियाजा भारत ने आने वाली सदियों में उठाया."

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