Pawan Khera Appears Before Assam Crime Branch: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा द्वारा कुछ मामलें दायर किये गये हैं. उनके संबंध में पूछताछ के लिए बुधवार (13 मई 2026) को राज्य पुलिस की अपराध शाखा के समक्ष पवन खेड़ा पेश हुए.
यह मामले ऐसे समय में दर्ज किए गए हैं, जब खेड़ा ने आरोप लगाया था कि हिमंत बिस्वा सरमा के पास कई पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं. खेड़ा ने अपराध शाखा कार्यालय में प्रवेश करने से पहले पत्रकारों से कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पुलिस ने तलब किया था, जिसके बाद मैं यहां आया हूं. हम कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, इसलिए मैं कानूनी प्रक्रिया के अनुसार यहां उपस्थित हूं.’’ खेड़ा ने कहा कि पूछताछ पूरी होने के बाद वह मीडिया से विस्तार से बात करेंगे.
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पुलिस के सामने क्यों पेश हुए पवन खेड़ा?
सरमा ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के विभिन्न प्रावधानों के तहत गुवाहाटी अपराध शाखा पुलिस थाने में खेड़ा और अन्य के खिलाफ आपराधिक शिकायतें दर्ज कराई थीं. कांग्रेस नेता के खिलाफ लगाए गए आरोपों में चुनाव के संबंध में झूठे बयान देना, धोखाधड़ी, जालसाजी, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना और मानहानि शामिल हैं.
खेड़ा ने पहले तेलंगाना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसने उन्हें सात दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी. हालांकि, असम पुलिस ने इस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया था. उच्चतम न्यायालय ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी और खेड़ा को गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अपील करने का निर्देश दिया.
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने नहीं दी जमानत
इसके बाद गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद खेड़ा ने फिर से उच्चतम न्यायालय का रुख किया. बाद में उच्चतम न्यायालय ने उन्हें अग्रिम जमानत दी. इस बीच, गुवाहाटी की एक स्थानीय अदालत ने इससे पहले कांग्रेस नेता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की असम पुलिस की याचिका को खारिज कर दिया था.
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