आगामी श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 और तीर्थयात्रियों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी शिव कुमार शर्मा ने कटरा और माता वैष्णो देवी भवन के मार्ग पर सुरक्षा एवं ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च-स्तरीय संयुक्त सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक का उद्देश्य श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित करना था. इसमें एसएसपी रियासी, एसपी कटरा, सेना, सीआरपीएफ, इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीआईडी, रेलवे, ट्रैफिक पुलिस और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल हुए.

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बैठक में एसएसपी रियासी ने कटरा शहर, यात्रा मार्ग और पवित्र मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुति दी. तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा की गई. कटरा, यात्रा मार्ग और मंदिर के आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों, ऊंची चोटियों और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया. डीआईजी ने ऊंचे स्थानों और संवेदनशील बिंदुओं पर रणनीतिक तैनाती तथा कड़ी निगरानी के निर्देश दिए.

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डीआईजी ने रैंडम चेकपॉइंट स्थापित करने, वाहनों की सघन जांच, जम्मू पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त 24 घंटे लंबी दूरी एवं पैदल गश्त बढ़ाने, नियमित क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास और विलेज डिफेंस गार्ड्स को सक्रिय रखने के निर्देश दिए. साथ ही संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया.

भीड़ नियंत्रण तैयारी बैठक में भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा हुई. श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल, इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें, संचार व्यवस्था, मेडिकल सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे और अन्य ठहरने की सुविधाओं के नियमित निरीक्षण एवं सत्यापन पर भी विशेष बल दिया गया.

एजेंसियों का समन्वयडीआईजी शिव कुमार शर्मा ने किसी भी नई चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, इंटेलिजेंस साझा करने और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया. बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सभी एजेंसियां मिलकर श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुविधाजनक यात्रा का वातावरण उपलब्ध कराएंगी.

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