पाकिस्तान में रावलपिंडी स्थित सेना के हेडक्वार्टर से कुछ मीटर दूर एक युवक ने फायरिंग कर दी. घटना मंगलवार 11 अगस्त दोपहर की है. यहां सेना मुख्यालय में तैनात सुरक्षाकर्मियों की गाड़ी के ऊपर मुहम्मद हुसैन नाम के युवक ने पिस्टल से फायर किया. इसमें एक सुरक्षाकर्मी की मौत और अन्य दो जवान घायल होने की खबर है. इधर, जवाबी कार्रवाई में युवक को मार गिराया. 

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पूरे मामले की जानकारी देते हुए पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि युवक GHQ में फायरिंग करने के इरादे से आया था. उसके मंसूबे को कामयाब होने से पहले ही रोक दिया गया. पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, मारा गया युवक पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पीटीआई का कार्यकर्ता था. 

पुलिस का दावा- हमलावर पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी से जुड़ा था

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मारे गए युवक को लेकर पुलिस ने दावा किया है कि वह पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी से जुड़ा था. उसने रावलपिंडी शहर में सेना के जनरल हेडक्वार्टर के पास मॉल रोड पर एक चेक पोस्ट पर सुरक्षा बलों पर कथित तौर पर गोली चलाई ती. रावलपिंडी पुलिस के बयान के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में हमलावर मुहम्मद हुसैन की तुरंत मौत हो गई. पुलिस ने मारे गए व्यक्ति के मोबाइल फोन से मिले सबूतों से पता चला है कि वह एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा था. 

उन्होंने कहा, 'उसके मोबाइल फोन और अन्य सामान से ये कनेक्शन सामने आए हैं. पुलिस ने कहा है कि कानून लागू करने वाली एजेंसिया हर तरह के आतंकवाद और अशांति फैलाने की कोशिसों को खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार और प्रतिबद्ध है.' 

हमलावर खैबर जिले का रहने वाला था: सुरक्षा सूत्रों का दावा

सुरक्षा सूत्रों का हवाला देते हुए सरकारी पीटीवी न्यूज ने कहा है कि हमलावर खैबर जिले का रहने वाला था. पीटीआई का सक्रिय सदस्य था. उसके पास पीटीआई का झंडा, गोलियां, और हथियार बरामद किए गए. सरकारी मीडिया के मुताबिक, घटना की खबर मिलने के बाद सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने खुद को इस घटना से अलग कर लिया है. कहा है कि इसका आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं है. पार्टी को इससे जोड़ने की कोशिश की जा रही है. 

पार्टी के इस्लामाबाद क्षेत्रीय अध्यक्ष अमीर मुगल ने कहा, पार्टी शांतिपूर्ण और बिना हथियारों के राजनीतिक संघर्ष में विश्वास करती है. हिंसा की घटनाओं से उसे जोड़ने की किसी भी कोशिश को खारिज करती है. पार्टी अपने संस्थापक इमरान खान की जेल में कैद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए लोगों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है. इमरान खान 5 अगस्त 2023 से जेल में हैं.