चीन के तियानजिन में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भारत को कूटनीतिक जीत हासिल हुई है. एक तरफ जहां एससीओ के ज्वाइंटस्टेटमेंट में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई है तो वहीं भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के स्ट्रक्चर में बदलाव का मुद्दा उठाया. भारत लंबे समय से UNSC में स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है.
एससीओ में भारत ने उठाया UN में रिफॉर्म का मुद्दा
विदेशसचिवविक्रममिस्रीने 1 सितंबर 2025 कोतियानजिनमेंएससीओप्लसबैठकमेंसंयुक्तराष्ट्र(UN)मेंरिफॉर्मकामुद्दाउठायाथा. उन्होंनेइसबातपरजोरदियाकिआतंकवादकेखिलाफलड़ाईएससीओकीएकमहत्वपूर्णप्राथमिकताबनीरहनीचाहिए.
प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेपिछलेसालसंयुक्तराष्ट्रमहासभाकोसंबोधितकरतेहुएवैश्विकसंस्थाओंमेंसुधारकाआह्वानकियाथा. उन्होंनेआतंकवादकोवेश्विकशांतिकेलिएखतराबतातेहुएकहाथाकिवैश्विककार्रवाईवैश्विकमहत्वाकांक्षासेमेलखानीचाहिए. उन्होंनेकहा, "वैश्विकशांतिऔरविकाससुनिश्चितकरनेकेलिएवैश्विकसंस्थानोंमेंसुधारआवश्यकहै."
एससीओकेज्वाइंटस्टेटमेंट पहलगाम हमले की निंदा की गई
एससीओकेज्वाइंटस्टेटमेंटमें सहमति जताई कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मानदंड अस्वीकार्य हैं. इसमेंकहागयाकिएससीओआतंकवादीऔरचरमपंथीखतरोंकामुकाबलाकरनेमेंसंप्रभुदेशोंऔरउनकेसक्षमप्राधिकारियोंकीअग्रणीभूमिकाकोमान्यतादेताहै. घोषणापत्रमेंक्षेत्रीयसुरक्षाबढ़ानेकेतरीकोंकाउल्लेखकियागयाऔरआतंकवादसेमुकाबलेकोएकबड़ीचुनौतीबतायागया. इसमेंकहागया, ‘‘सदस्यदेश 22 अप्रैलकोपहलगाममेंहुएआतंकवादीहमलेकीकड़ीनिंदाकरतेहैं.’’
एससीओ के जॉइंट स्टेटमेंट में कहा गया है कि यूएन की इस संबंध में केंद्रीय भूमिका है कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार प्रासंगिक UNSC प्रस्ताव और संयुक्त राष्ट्र वैश्विक आतंकवाद-रोधी रणनीति को पूरी तरह से लागू करे ताकि सभी आतंकवादी समूहों का संयुक्त रूप से मुकाबला किया जा सके.
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