Kisan Andolan: संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) ने आज केंद्र सरकार (Central Government) के खिलाफ चक्काजाम (Traffic Jam) का एलान किया है. मोर्चा का आरोप है कि सरकार ने एमएसपी कमिटी (MSP Committee) को लेकर वादाखिलाफी की और साथ ही किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के दौरान दर्ज मामले भी वापस नहीं हुए. शहीद ऊधम सिंह की शहादत दिवस के मौके पर बुलाए गए चक्का जाम का असर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में देखने को मिल सकता है.


केंद्र सरकार की तरफ से किसानों को लेकर वादा खिलाफी करने, लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को सजा दिलाने, अवैध हिरासत में रखे गए किसानों की जमानत करवाने और आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मामले रद्द करवाने को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ये प्रदर्शन करने जा रहा है.


संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा है कि एमएसपी कानून किसानों का हक है जिससे केंद्र सरकार पीछे हट रही है लेकिन किसान अपना हक लेकर रहेगा. एसकेएम नेताओं ने बताया कि इस चक्का जाम से आम जनता को कोई परेशानी नहीं होगी और न ही जरूरी सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा. संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत बंद के दौरान सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है. ये किसान सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक लगभग 4 घंटे तक धरना प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम करेंगे.


संयुक्त किसान मोर्चा के विरोध प्रदर्शन का असर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ज्यादा देखने को मिल सकता है. हरियाणा में इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं. इन राज्यों में पुलिस पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की भारी जिम्मेदारी भी होगी.


केंद्र सरकार की वादा खिलाफी पर रोष


किसान यूनियन (Kisan Union) का कहना है कि सरकार के आश्वासन पर किसानों ने दिल्ली (Delhi) में चल रहे धरना प्रदर्शन (Protest) को खत्म किया था. इसके बावजूद सरकार ने एमएसपी (MSP) को कानून गारंटी देने से इनकार कर दिया है. इसको लेकर किसानों में रोष है. संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) के आह्वाहन पर चक्का जाम का ऐलान किया गया है, इसको सफल बनाने के लिए किसान अपनी पूरी ताकत लगा देगा.


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